कानपुर। जेल में बंद अखिलेश दुबे से दोस्ती रखने और उसके घर आवाजाही करने में निलंबित हुए इंस्पेक्टर अशीष द्विवेदी के खिलाफ बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। उन पर तीन वर्ष पूर्व उन्नाव की महिला के वन स्टाफ सेंटर में आत्महत्या करने के साथ ही भाजपा नेता रवि सतीजा को अखिलेश दुबे से मुलाकात कराने का दबाव बनाने का भी आरोप है। अधिकारियों ने दोनों मामले में जवाब मांगा था। शनिवार को आखिरी मौका दिया था लेकिन इंस्पेक्टर हाजिर नहीं हुए। अधिकारी एक दो दिन का समय और देकर कार्रवाई कर सकते हैं।
17 अप्रैल 2022 को एनआरआई सिटी निवासी कारोबारी के यहां सोने और हीरे के आभूषण चोरी हो गए थे। घर में काम करने वाली किशोरी पर शक जताया था। तत्कालीन थाना प्रभारी आशीष द्विवेदी और चौकी प्रभारी रानू रमेश चंद्र ने किशोरी और उसकी मां से पूछताछ की। महिला की हालत बिगड़ने पर रात दो बजे दोनों को वन स्टॉप सेंटर में दाखिल करा दिया। महिला ने सेंटर के बाथरूम में फंदा लगाकर जान दे दी थी। पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए थे। यह जांच चल रही है।
इसी वर्ष अगस्त में भाजपा नेता रवि सतीजा ने अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा समेत उसके साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसआईटी की जांच में आशीष द्विवेदी की भूमिका संदिग्ध मिली। उस पर पीआरओ रहते हुए रवि सतीजा को अखिलेश दुबे से मिलाने और मिलीभगत करने का आरोप था। तत्कालीन सीपी अखिल कुमार ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
कोट
निलंबित इंस्पेक्टर अब तक हाजिर नहीं हुए हैं। शनिवार को बयान देने के लिए अंतिम मौका दिया गया था लेकिन वह सामने नहीं आए। एक दो दिन का समय और दिया जाएगा। न आने पर कार्रवाई होगी।
- वीके सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध