मुंबई पुलिस ने हत्या के मामले में कानपुर से शाहरुख खाने के बंग्ले में गार्ड का काम कर चुके जिंतेंद्र को दबोच लिया। पैरोल पर छूटने के बाद वह फरार चल रहा था। कोर्ट में पेश करने के बाद टीम उसे मुंबई लेकर चली गई।
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पैरोल मिलने के बाद फरार हो गया था यतेंद्र।
मुंबई क्राइम ब्रांच टीम बृहस्पतिवार को कानपुर शहर आई थी। टीम शुक्रवार दोपहर चकेरी पुलिस के साथ कैलाश नगर जाजमऊ स्थित तक्षशिला स्कूल पहुंची और स्कूल के गार्ड जितेंद्र प्रताप सिंह को दबोच लिया। जितेंद्र स्कूल में चार साल से नौकरी कर रहा था।
चकेरी इंस्पेक्टर के मुताबिक जितेंद्र मुंबई में शाहरुख खान के बंगले में गार्ड था। कई साल पहले उसने वेतन के विवाद में साथी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसे उम्र कैद हुई थी। करीब आठ साल पहले वह एक महीने के पैरोल पर जेल से छूटा था। तब से फरार था।
करीब चार साल से चकेरी के विमान नगर अहिरवां में किराए के मकान में वह पत्नी और बेटे के साथ रह रहा था। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र प्रताप सिंह मूलरूप से मैनपुरी का रहने वाला है। मुंबई क्राइम ब्रांच टीम ने सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया था। इसी आधार पर टीम उस तक पहुंची।
पुलिस गिरफ्त में यतेंद्र
क्राइम ब्रांच की का कहना
मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया, यतेंद्र उसी सुरक्षा एजेंसी में तैनात था, जो शाहरुख की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात करती है। नवंबर 2006 में उसका किसी बात पर साथी गार्ड से विवाद हो गया और उसने गोली मार दी। मृतक और यतेंद्र दोनों ही शाहरुख की सुरक्षा में तैनात थे। 2009 में यतेंद्र को सजा हो गई। हाल ही में कोर्ट के आदेश पर वह एक महीने की पैरोल पर छूटा था। उसके बाद भागकर कानपुर आ गया। यहां आकर उसने गार्ड की नौकरी कर ली। एक एजेंसी ने ही उसे यहां के स्कूल में तैनात किया था।
स्कूल के प्रिंसिपल
क्या कहते हैं स्कूल के प्रिंसिपल
तक्षशिला स्कूल के प्रिंसिपल आरएस भदौरिया कहते हैं, वह करीब 3 वर्षों से स्कूल में गार्ड के पद पर था। यहां के मैनेजर ने एक सिक्युरिटी एजेंसी के माध्यम से उसे रखा हुआ था। यतेंद्र का नेचर अच्छा था, वह अपना काम अच्छे ढंग से करता था। शुक्रवार को यहां क्राइम ब्रांच की टीम और चकेरी थाने की पुलिस टीम आई थी। उन्होंने पूछा, आप के यहां यतेंद्र नाम का कोई आदमी काम करता है। मेरे हां कहने पर उन्होंने बुलाने को कहा और उसे गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार सुबह उससे मिलने भी गया था। उसने बोला- सर गलती हो गई। मैंने आप को अपने बारे में नहीं बताया, माफ कर दीजिए। यतेंद्र हमारे यहां से पहले रुमा स्थित एक्ससेस कॉलेज में भी सिक्युरिटी गार्ड का काम कर चुका है। क्राइम ब्रांच की टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले गई।