जानकारी के अनुसार, बस नंबर यूपी 78 जीटी 3576 का कंडक्टर ड्यूटी के दौरान गुटका खाते हुए भी पाया गया था। वह फुल यूनिफॉर्म में भी नहीं था। उसने पहले एक सहयात्री से 5 रुपये लिए और टिकट जारी नहीं किया। बाद में जब सह-यात्री ने टिकट मांगा, तो कंडक्टर ने 5 रुपये और लिए और 10 रुपये का टिकट जारी किया। वहीं, बसों के ड्राइवरों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, ना ही मास्क पहने थे।
इस दौरान यह भी पाया गया कि ई-बसों के अंदर हेल्पलाइन नंबर का कोई लिखित रूप में प्रदर्शन नहीं था। साथ ही, रूट वाइज और स्टॉप वाइज टिकट शुल्क सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इन मामलों को देखते हुए मंडलायुक्त ने ई-बस के एआरएम को चेतावनी जारी की और एमडी सिटी बस सेवाओं को निर्देश दिया कि वे उपरोक्त दोनों चीजों को अगले 15 दिनों में सभी बसों में प्रदर्शित करें और प्रत्येक बस की तस्वीरों के साथ आयुक्त को लिखित में एक रिपोर्ट दें।