यूपी के फतेहपुर जिले में स्वास्थ्य महकमे से लेकर डीएम तक को भ्रष्टाचार के कठघरे में खड़ा करने वाला सर्जन का वीडियो शनिवार को वायरल हुआ था। इसने रविवार को छुट्टी के दिन भी तहलका मचा दिया। आनन फानन सुबह ही डीएम कुमार प्रशांत ने जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. नरेश विशाल को अपने आवास पर तलब किया।
जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. नरेश विशाल का एक वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो सीएमओ के ड्राइवर सनी के साथ मारपीट का निपटारा करने के दौरान किसी ने बनाया है। इसमें सर्जन ने महकमे में रिश्वत के चलन, नर्सिंगहोम के अपने रेट का हवाला देते हुए डीएम पर भी अंगुली उठा दी है। डीएम के लिए एआरटीओ, खनन और स्वास्थ्य तीनों विभागों का जिक्र वीडियो में किया गया है।
वीडियो में सर्जन का यह भी कहना है कि रिश्वत लेना कोई पाप नहीं है। वीडियो को डीएम ने स्वत: संज्ञान में लेते हुए सुबह ही सर्जन को आवास पर तलब कर लिया। पर, वह नहीं आए। बाद में एडीएम जेपी गुप्ता और सीएमओ वीके पांडेय सर्जन नरेश विशाल को खोजकर डीएम आवास पर ले लाए। सर्जन के आने की जानकारी होने पर डीएम पूजा अधूरी छोड़ बाहर निकले और उसे जमकर फटकार लगाई। इसी दौरान कोतवाली पुलिस भी बुला ली गई।
डीएम ने कहा कि वीडियो के संबंध में लिखित जवाब दो। सर्जन ने कहा सर, अभी लिखकर देते हैं। कागज लेकर वह इधर-उधर देखने लगा। डीएम पूजा करने फिर अंदर चले गए। कक्ष में एडीएम और सीएमओ बैठे थे। सर्जन मौका देख मोबाइल पर बात करते हुए गेट तक तक आया और पैदल ही भाग निकला। पता चलते ही एडीएम और सीएमओ दौड़ते हुए पुलिस के साथ गेट तक पहुंचे, लेकिन सर्जन भाग गया था। पूजा पूरी करने के बाद जब डीएम को पता चला कि सर्जन भाग गया तो वह आग बबूला हो गए।
सर्जन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की रायशुमारी के लिए डीडीसी क्रिमिनल और एसपी को बुलाया। देखते ही देखते डीएम आवास पुलिस से भर गया। एफआईआर दर्ज कराने के लिए डीएम ने सीएमएस हरगोविंद सिंह को तलब किया। सीएमएस ने अवकाश में लखनऊ होने के कारण तुरंत निकल पड़ने की बात कही। डीएम ने कहा कि डाक्टर के खिलाफ किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण के साथ अन्य धाराओं में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
सर्जन बोला, मैं तो फंस गया
वीडियो वायरल होने का तहलका मचने के बाद फोन पर जब आरोपी सर्जन डॉ. नरेश विशाल से पूछा गया तो उनका कहना था कि मैं तो फंस गया। मुझे क्या पता था कि कोई वीडियो बना रहा है। किसी मरीज के तीमारदार ने उन्हें विश्वास में लेकर यह सब कहलवाया और रिकार्ड कर लिया। इतना कहने के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली।