निरीक्षण के बाद सीएमएस को निर्देशित करते डीएम।
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कानपुर देहात। छह माह बाद जिला अस्पताल में दोबारा खोली गई ओपीडी का जायजा लेने पहुंचे डीएम को अधिकांश डॉक्टर मौके से नदारद मिले। वहीं, सर्जन के तीन माह से नदारद चलने की जानकारी पर उन्होंने एफआईआर के निर्देश दिए। इसपर सीएमएस ने तहरीर कोतवाली भिजवा दी। इसकी भनक लगते ही सर्जन महज ढाई घंटे में ही हाजिर हो गए। कार्यभार संभालने व दोबारा गलती न करने की हिदायत पर तहरीर निरस्त करने का पत्र कोतवाली भेजा गया।
गुरुवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व सीडीओ जोगिंदर सिंह जिला अस्पताल पुरुष अकबरपुर की ओपीडी पहुंच गए। इस दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मान सिंह व ईएनटी आरके चौबे का कक्ष खुला मिला, लेकिन दोनों डॉक्टर उपस्थित नहीं थे। सीएमएस डॉ. वीपी सिंह ने दोनों डॉक्टरों के राउंड पर होने की जानकारी दी। दंत चिकित्सक डॉ. प्रियंका उपस्थित मिली। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरए मिर्जा कक्ष में मोबाइल पर व्यस्त मिले। उन्होंने सिर्फ एक मरीज देखा था। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक जतारया का कक्ष बंद मिला। इसपर डीएम ने स्पष्टीकरण के निर्देश दिए। वहीं, सर्जन डॉ. जसवीर का कक्ष बंद मिलने पर तीन माह से लगातार अनुपस्थित चलने की जानकारी पर डीएम बिफर गए। उन्होंने सीएमएस को सर्जन के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि डॉक्टर समय से ओपीडी में बैठें। ताकि दूरदराज क्षेत्र से आने वाले मरीजों को उपचार मिल सके। इसमे लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम के निर्देश पर सीएमएस ने सर्जन के विरुद्ध एफआईआर के लिए लिखित तहरीर कोतवाली भिजवा दी। इसी बीच करीब दो बजे सर्जन जिला अस्पताल पहुंचे और बीमार होने की जानकारी सीएमएस को दी। इसके बाद वह डीएम से मिले और दुखड़ा बताया। उन्हें दोबारा इस तरह की गलती न करने की चेतावनी दी गई।
डीएम के निर्देश पर तीन माह से अनुपस्थित चल रहे सर्जन के विरुद्ध एफआईआर के लिए लिखित तहरीर कोतवाली भेजी गई थी। सर्जन ने अस्पताल न आने का कारण बीमारी बताया है। उन्होंने ज्वाइनिंग ले ली है। दोबारा गलती न करने की चेतावनी देकर एफआईआर निरस्त करने का पत्र कोतवाली भेज दिया गया है। अन्य दो अनुपस्थित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
- डॉ. वीपी सिंह (सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष)