उधर, प्रणतेश नारायण वाजपेयी की तरफ से उच्च न्यायालय में स्टेट ऑफ यूपी और चार अन्य के खिलाफ दायर जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने पिछले साल 21 अगस्त को योजना स्थल में यथास्थिति के आदेश दिए थे।
केडीए के विधि अधिकारी सत शुक्ला ने बताया कि इसके खिलाफ केडीए ने उच्चतम न्यायालय में एसएलपी (स्पेशल परमिशन पिटीशन) दायर की।
कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित किया है
उच्चतम न्यायालय की कोर्ट संख्या- छह में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने पीएन वाजपेयी की जनहित याचिका में पारित यथास्थिति के आदेश पर रोक लगाते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने यह भी पाया कि हाईकोर्ट ने केडीए से जवाबी हलफनामा मांगे बिना यथास्थिति का आदेश पारित कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने एसएसपी में नोटिस जारी किया
इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने एसएसपी में नोटिस जारी किया और जनहित याचिका में यथास्थिति के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी। न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अधिवक्ता हर्षिता रघुवंशी ने केडीए का पक्ष रखा।