कानपुर देहात। नियम विरुद्ध चहेते ठेकेदार को एक करोड़ रुपये का टेंडर देने की जांच में फंसे अधीक्षण अभियंता विद्युत सतेंद्र पाल सिंह व सर्किल कार्यालय के कार्यकारी सहायक कप्तान सिंह को निलंबित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर तबादला किया गया था। रिलीव नहीं होने पर दोनों पर गाज गिरी है। अब दोनों को स्थानांतरण कार्यालय से ही संबद्ध किया गया है।
जैनपुर स्थित सर्किल कार्यालय में तैनात अधीक्षण अभियंता सतेंद्र पाल सिंह ने बीते साल बिजनेस प्लान में करीब एक करोड़ रुपये का टेंडर चहेते ठेकेदार को दे दिया था। जबकि ठेकेदार की कार्यानुभव संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं थीं। कानपुर के मसवानपुर निवासी अमित भदौरिया ने इसकी शिकायत उप्र पॉवर काॅरपोरेशन के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक से की थी। इसी साल जनवरी में मामले की जांच शुरू हुई। प्रारंभिक जांच में टेंडर देने में गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
आरोपपत्र जारी करने की प्रक्रिया प्रचलित होने पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक ने 25 फरवरी को अधीक्षण अभियंता का आगरा व कार्यकारी सहायक का मुख्य अभियंता कार्यालय बांदा तबादला कर दिया। हालांकि, ये पूर्व तैनाती स्थल पर ही डटे रहे। अनुशासनहीनता पर मंगलवार को प्रबंध निदेशक ने दोनों को निलंबित कर दिया। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के एसई प्रशासन तौकीर अहमद ने निलंबन की पुष्टि की है।
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तबादले पर आगरा गए लेखाकार निलंबन से बचे
सर्किल कार्यालय में तैनात रहे लेखाकार सुरजीत सिंह भी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के दोषी पाए गए। उन्हें इटावा से आगरा भेज दिया गया। बिना देरी किए वह इटावा से रिलीव हो गए और आगरा में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस वजह से फिलहाल वह निलंबन से बच गए। बता दें कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने से पहले ही कानपुर देहात में तैनात लेखाकार सुरजीत सिंह का तबादला एक्सईएन खंड प्रथम इटावा कार्यालय हो गया था।
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एक्सईएन रनियां को अधीक्षण अभियंता का प्रभार
कानपुर देहात सर्किल में फिलहाल किसी नए अधीक्षण अभियंता की तैनाती नहीं की गई है। एसई सतेंद्र पाल सिंह के प्रबंध निदेशक कार्यालय दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा से संबद्ध होने के चलते रिक्त पद पर एक्सईएन रनियां सुमित व्यास को प्रभार दिया गया है। मुख्य अभियंता रामनरेश ने इसकी पुष्टि की है।