कानपुर शुगर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत दिखाई जा रही थी। मिलों और स्टॉकिस्टों के खिलाफ हुई कार्रवाई का सकारात्मक असर अब बाजार में दिखाई दे रहा है। सरकार ने चीनी आयात करने की घोषणा भी की है।
आयातित चीनी जितनी जल्दी बाजार में आएगी, कीमतों में उतनी ही अधिक गिरावट की उम्मीद है। किराना व्यापारी रितेश द्विवेदी ने बताया कि चीनी के थोक भाव अब 57 रुपये प्रति किलो तक आ गए हैं। आने वाले दिनों में बाजार में आपूर्ति बढ़ने पर चीनी की कीमतों में और कमी आने की उम्मीद है।