रसूलाबाद (कानपुर देहात)। असालतगंज के मजरा दीक्षितन निवादा में खेत देखकर घर लौटे शिवम (24) ने अंगौछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। शव देखकर परिजन बेहाल हो गए। परिजनों के अनुसार, धान की फसल सिंचाई और खाद के लिए रुपये नहीं होने पर वह तनाव में था।
असालतगंज के दीक्षितन निवादा गांव निवासी शिवम ही परिवार मुख्य कर्ताधर्ता था। पिता सतीश उर्फ कुक्कू मिश्रा की लगभग 3 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। मां ऊषा देवी, पत्नी ज्योति, छोटी बहन साक्षी, छोटा भाई नीरज के साथ वह रहता था। परिवार के पास केवल 15 बिस्वा खेत है। धान की फसल बोई थी। बेहद कम खेती होने व अन्य कोई काम धंधा नहीं होने से परिवार आर्थिक तंगी है। शिवम की पत्नी को कन्नौज के ठठिया, हरई पूर्वा अवसेर मायके में भेज दिया था।
मंगलवार को शिवम खेत पर गया था। बारिश नहीं होने से फसल की सिंचाई और जरूरत पर खाद का इंतजाम नहीं होने से वह काफी परेशान था। घर आकर कमरे के कुंडे में अंगौछे के फंदे से फांसी लगा ली। परिवारी चाचा लक्ष्मी नारायण ने बताया कि शिवम् आर्थिक तंगी को लेकर परेशान था। फसल देखने खेत गए था। इसके बाद फंदे पर शव मिला।
प्रधान पति मुमताज अहमद ने बताया कि दो माह पूर्व गोआश्रय स्थल से एक बछिया दी गई थी। बछिया के लिए शिवम चारा का इंतजाम नहीं कर पा रहा था। उसे घास आदि लाकर खिलाता था। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड से मिलने वाले खाद्यान्न से परिवार का गुजर होता है। उधर, दरोगा सुखवीर सिंह बताया कि आर्थिक तंगी के चलते युवक के फांसी लगा लेने की बात ग्रामीणों व परिजनों ने कही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।