आईआईटी कानपुर में नेशनल इन्फॉरमेशन सेंटर ऑफ अर्थक्वेक इंजीनियरिंग विभाग ने सोमवार से सात दिवसीय कार्यशाला शुरू की। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थी भूकंपरोधी इमारतों के मॉडल तैयार करेंगे।
विशेषज्ञ छात्रों को भूकंपरोधी इमारतों की खासियत और डिजाइन तैयार करने की जानकारी देंगे। देशभर के विभिन्न 16 संस्थानों के 61 छात्र जिन्होंने आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में छह सेमेस्टर पूरे कर लिए हैं, उन्हें कार्यशाला के लिए चयनित किया गया है।
सोमवार को छात्रों को भूकंप सुरक्षा विषय एवं सैद्घांतिक स्तर पर अर्थक्वेक रजिस्टेंट डिजाइन की मूल बातों से परिचित कराया गया। आईआईटी कानपुर के प्रो. चिन्मय कोले ने आर्किटेक्चर कॉलेजों से आए छात्रों से कहा कि आईआईटी कानपुर में होने का आप लाभ उठा सकते हैं।
आईआईटी कानपुर
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यहां स्ट्रक्चर डिजाइन के आर्किटेक्चर संबंधी विशेष पहलुओं को भी समझें। उन्होंने कहा कि आर्किटेक्चर की जड़ें इंजीनियरिंग में समाई हैं और इंजीनियरिंग की जड़ें विज्ञान में समाई हैं। आर्किटेक्चर करीब से लोगों से जुड़ा हुआ है। कहा कि यहां से सीखकर छात्र भविष्य में होने वाले भूकंप केखतरों से सैकड़ों लोगों की जान और नुकसान को कम करने में अपनी अहम भूमिका निभा पाएंगे। वर्कशॉप के पहले दिन प्रो. वसुधा गोखले, मीरा शिरोलकर (डॉ. बीएन कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर पुणे), प्रो. अतानु दत्ता (जोरहट इंजीनियरिंग कॉलेज), प्रो. सुरेश दास (आईआईटी भुवनेश्वर), प्रो. स्निग्धा सान्याल (सैंच्यूरियन विश्वविद्यालय भुवनेश्वर) मौजूद रहीं।
छात्रों को दिए जाएंगे असाइनमेंट
आईआईईएसटी हावड़ा शिबपुर के प्रो. केया मित्रा ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाली वर्कशॉप में शामिल होने वाले छात्रों को आर्किटेक्चरल डिजाइन असाइनमेंट दिए जाएंगे। इसमें उन्हें विभिन्न प्रकार के अपार्टमेंटों, कार्यालयों, कांप्लेक्स के भूकंप रोधी मॉडल और डिजाइन तैयार करने हाेंगे। साथ ही तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
सर्वश्रेष्ठ डिजाइन की घोषणा 15 को
प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई डिजाइनों में बेस्ट डिजाइन की घोषणा 15 जुलाई को की जाएगी। सर्वश्रेष्ठ डिजाइन तैयार करने वाले विद्यार्थी को सम्मानित किया जाएगा। आर्किटेक्चर बलबीर वर्मा, आर्किटेक्चर नरेन्द्रनाथ मित्रा, इंजीनियर कुलदीप सिंह, प्रो. अशोक कुमार तिवारी इसमें जज की भूमिका निभाएंगे।