एकेडमिक काउंसिल में रखा जाएगा प्रस्ताव
प्रो. अवस्थी ने कहा कि एमएससी में जैन गणित और एमए में जैन इतिहास को शामिल करने का प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल में रखा जाएगा। शोध पीठ के अध्यक्ष सुमित जैन शास्त्री और समन्वयक राजीव जैन को नियुक्त किया गया है। इस मौके पर प्रदीप तिजारा, डॉ. सुधींद्र कुमार जैन, अरविंद जैल डॉ. राजतिलक, राकेश जैन मौजूद रहे।
इन कोर्सों की होगी शुरुआत
छह महीने से लेकर दो साल तक के लिए जैन दर्शन में सर्टिफिकेट कोर्स, प्राकृत भाषा और अप्रभंश के सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत होगी। 18 क्रेडिट का कोर्स होगा। इसी क्रम में डिप्लोमा कोर्स की भी शुरुआत की गई है। एक साल से चार साल तक के डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत भी जैन दर्शन, प्राकृत भाषा और अप्रभंश भाषा में होगी। दोनों ही पाठ्यक्रमों में फीस 500 रुपये प्रति छमाही होगी।