रूरा। कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार कम हो गई है। घंटों की देरी से चलने वाली ट्रेनों के कारण लंबी दूरी के साथ दैनिक यात्रा करने वाले यात्री परेशान हो रहे हैं। खास कर कानपुर जाने वाले छात्र मेमू व पैसेंजर ट्रेनों की लेतलतीफी के कारण परेशान हो रहे हैं।
रूरा नगर से कानपुर व लखनऊ तक नौकरी और व्यापार सहित अन्य कार्यों से सैकड़ों लोग मेमू व दूसरी ट्रेनों से सफर करते हैं। इसके अलावा कई यात्री लंबी दूरी का सफर भी ट्रेन से करने के लिए स्टेशन पहुंचते हैं। सर्दी के मौसम में ट्रेनों के लेटलतीफी के कारण इन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर की तरफ जाने वाली आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस निर्धारित समय सुबह साढ़े नौ बजे से डेढ़ घंटे की देरी से सुबह ग्यारह बजे स्टेशन पहुंची।
फफूंद से कानपुर जाने वाली मेमू सुबह सात बजे से एक घंटे की देरी से सुबह आठ बजे आई। वहीं टूंडला-कानपुर मेमू सुबह 11 बजे से डेढ़ घंटे की देरी से दोपहर बारह बजकर तीस मिनट पर पहुंची। इसी तरह कानपुर से दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस निर्धारित समय सुबह आठ बजकर बीस मिनट से एक घंटे सोलह मिनट की देरी से सुबह नौ बजकर छत्तीस मिनट पर आई। वहीं महानंदा एक्सप्रेस दोपहर दो बजे से एक घंटे की देरी से दोपहर तीन बजे स्टेशन पहुंची। जबकि कानपुर से टूंडला जाने वाली मेमू दोपहर तीन बजे से डेढ़ घंटे की देरी से शाम चार बजकर तीस मिनट पर आई।
गढ़ेवा निवासी छात्रा अनामिका ने बताया कि कानपुर में संचालित एक एकेडमी में कोचिंग कर रही हैं। इसके लिए प्रतिदिन सुबह आगरा-लखनऊ इंटरसिटी से जाते है, लेकिन इस समय ट्रेन के देरी से चलने के कारण अन्य ट्रेन से सफर करना पड़ता है। यह ट्रेनें गोविंदपुरी से पहले आउटर पर घंटों खड़ी हो जाती है। इससे कोचिंग समय पर नहीं पहुंच पाती हूं और पढ़ाई प्रभावित होती है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि कोहरे की वजह से ट्रेनों को फॉग सिंग्नल के पास धीमी गति से निकालना होता है। मौसम साफ होते ही ट्रेनों के समय में सुधार हो जाएगा।