मरने से पहले छात्र अभिषेक ने इस तरह लिखा सुसाइड नोट
रजिस्टर के कवर पर यह अजीब बात लिखकर लिखकर कानपुर के मंटोरा पब्लिक स्कूल के 12वीं के छात्र ने रविवार रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी। एक संपन्न घर के छात्र ने ऐेसा क्यों किया? पुलिस के लिए बड़ा सवाल है। इधर, परिवार भी सकते में है क्योंकि रात तक छात्र ने परिवार के साथ समय बिताया। न चेहरे पर तनाव था न ही माथे पर शिकन। फिर रात में ऐसा क्या हुआ कि उसने फंदा लगा जान दे दी। पुलिस ने ब्लू व्हेल गेम खेलने की आशंका पर छानबीन की लेकिन छात्र के पास एंड्रॉयड फोन नहीं मिला। पुलिस छात्र के दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है।
‘हमारे अस्तित्व को मिटाने की सजा है ये’
छात्र अभिषेक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट
कानपुर नवाबगंज की लखनपुर हाउसिंग सोसायटी निवासी अनिल त्रिवेदी एक दवा कंपनी में रीजनल मैनेजर हैं। परिवार में पत्नी किरन, बड़ा बेटा प्रियांशु, बेटी सॉफ्टी और छोटा बेटा अभिषेक (16) था। प्रियांशु एक बड़ी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि अभिषेक मंटोरा पब्लिक स्कूल में 12वीं का छात्र था। परिवार के अनुसार अभिषेक रविवार शाम घर से टहलने गया था। वहां से लौटने के बाद उसने घरवालों के साथ खाना खाया। इसके बाद वह पढ़ाई के बहाने कमरे में चला गया। सुबह करीब चार बजे किरन सोकर उठीं तो वह अभिषेक को देखने के लिए कमरे में गईं, तो कमरा अंदर से बंद था। उन्होंने अभिषेक को आवाज दी, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इससे घबराई किरन ने अनिल और बेटी सॉफ्टी को बुलाया। सॉफ्टी किचन की खिड़की को खोलकर अंदर कमरे में गई तो वहां पर अभिषेक का शव रस्सी के सहारे पंखे पर लटका था। इसे देखकर वह चीख पड़ी। उसके गेट खोलने पर किरन कमरे में गई तो वह शव देखते ही बेहोश हो गईं। घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम भेज दिया। सुसाइड में लिखा था -‘हमारे अंतिम संस्कार की विधि पूरी न करने की और हमारे अस्तित्व को मिटाने की सजा है ये।’
खुदकुशी करने का इरादा बना चुका था
डेमो पिक
अभिषेक ने रस्सी के सहारे फांसी लगाई थी। पढ़ाई के बहाने उसने परिजनों को पहले अपने कमरों में भेज दिया था और खुद एक कमरे में अकेले रुक गया था। इससे साफ है कि उसने अचानक खुदकुशी नहीं की। बल्कि वह खुदकुशी करने का इरादा बना चुका था। तभी उसने रस्सी का इंतजाम किया था।
खुदकुशी करने की गुत्थी उलझ गई
डेमो पिक
पुलिस को छात्र के एक रजिस्टर के कवर पर एक नोट लिखा मिला है। इसमें लिखा है कि हमारे अंतिम संस्कार की विधि पूरी न करने की और हमारे अस्तित्व को मिटाने की सजा है ये। इस नोट से छात्र के खुदकुशी करने की गुत्थी उलझ गई है। इस नोट से कुछ लोगों का माना जा रहा है कि छात्र कहीं ब्लू व्हेल गेम तो नहीं खेल रहा था। उसने ब्लू व्हेल का टॉस्क पूरा करने के लिए तो खुदकुशी नहीं की। हालांकि चौकी इंचार्ज छात्र के पास एंड्रायड फोन न होने से इससे इनकार कर रहे हैं। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की, लेकिन खुदकुशी के कारण का पता नहीं चला। अभिषेक के चार अक्तूबर से पेपर थे और वह दो-तीन दिनों से बीमार भी चल रहा था। इससे पुलिस पढ़ाई के दबाव और डिप्रेशन के मद्देनजर भी जांच कर रही है लेकिन रजिस्टर के कवर पर उसने जो लिखा है वह किसी की समझ में नहीं आ रहा।