पुलिस की ओर से सिविल लाइंस स्थित रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम में मंगलवार को ‘नारी सुरक्षा और पुलिस से अपेक्षा’ विषय पर वर्कशाप का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस महिला सम्मान प्रकोष्ठ की मुखिया सुतापा सान्याल ने कहा कि उनका प्रकोष्ठ महिला कॉलेजों में छात्राओं को ट्रेनिंग देकर सैनिक बना रहा है।
भविष्य में ये छात्रा सैनिक अपनी सुरक्षा के साथ-साथ कैंपस और शहर में भी महिलाओं की सुरक्षा करेंगी। उन्होंने बताया कि ‘सिटीजन कैडेट’ नाम के इस कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ यूनिवर्सिटी से हो चुकी है।
धीरे-धीरे यह दायरा पूरे प्रदेश में फैलेगा। ट्रेनिंग देकर छात्राओं को बाद में एसपीओ भी बनाया जाएगा। शासन का इरादा है कि आने वाले समय में कॉलेज की छात्राओं की एक फौज तैयार हो जो कम्यूनिटी पुलिसिंग में मदद करे।
महिला अपराधों में सबसे आगे हमीरपुर
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में सबसे आगे हमीरपुर है, दूसरे नंबर पर हरदोई। हालांकि उन्होंने खुशी भी जताई कि महिलाएं अब ऑनलाइन शिकायत करने में आगे आ रही हैं। कुल आने वाली ऑनलाइन शिकायतों में 53 प्रतिशत शहरी और 47 प्रतिशत ग्रामीण हैं। यह भी एक अच्छा बदलाव है।
‘संवेदना से जख्म भरते हैं’
पद्मश्री गिरिराज किशोर ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति पुलिस को अधिक संवेदनशील होना पड़ेगा क्योंकि संवेदना से पीड़ित के जख्म भरते हैं, जबकि कर्कशता से और हरे हो जाते हैं।
डिम लाइट में होती है छेड़खानी
कार्यक्रम के समापन में आईजी जोन आशुतोष पांडे ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों का एक अलग डाटा बैंक तैयार किया गया है। इसके आधार पर हर थाना क्षेत्र के ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं ज्यादा होती हैं।
समापन पर ‘एक नंबर भरोसे का’ चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार बांटे गए। वर्कशाप में कानपुर जोन के नौ जिलों के हर जिले से एक-एक थानेदार और सीओ ने इस वर्कशाप में हिस्सा लिया। इस दौरान एसपी ईस्ट देवरंजन वर्मा, केस्को एमडी सेल्वा कुमारी जे ने भी अपने विचार रखे।
आईपीएस में ‘एस’ का अर्थ है ‘सेवा’
सुतापा सान्याल ने कहा कि पुलिस जनता की सेवा के लिए है। आईपीएस के ‘एस’ का मतलब (सेवा) है, इसलिए हर पुलिस वाले को लोगों को परेशान करने के बजाय सेवा करनी चाहिए। हर पीड़ित महिला में परिवार की महिला दिखनी चाहिए।
महिला अपराध पर नजर रखने को होगा नोडल अधिकारी
सुतापा सान्याल ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अपराधों पर नजर रखने के लिए हर जिले में सीओ स्तर का एक पुलिस अधिकारी तैनात होगा। ये नोडल अफसर 24 घंटे के अंदर पुलिस मुख्यालय और महिला सम्मान प्रकोष्ठ को महिला अपराध के मामलों में कार्रवाई की जानकारी देंगे।
‘आईआईटी की छात्राएं भी झेल रहीं लैंगिक असमानता’
वर्कशाप में आईआईटी कानपुर में गणित विभाग की प्रोफेसर और आईआईटी महिला सेल की सदस्य नंदिनी ने कहा कि आईआईटी जैसे संस्थान में भी छात्राओं को लैंगिक असमानता झेलनी पड़ती है। कई मामलों में शिकायत करने से पहले उन्हें सोचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज भी बड़े-बड़े संस्थानों में लड़कियों को सामाजिक और पारिवारिक दबाव काम करता है।
पुलिस को पेट्रोलिंग बढ़ानी होगी
डीपीएस की छात्रा शांभवी पांडे ने कहा कि पुलिस को ऐसी जगहों को चिह्नित करना होगा, जहां पर महिलाओं को छेड़ा जाता है, वहां पर अतिरिक्त पुलिस को तैनात कर पेट्रोलिंग भी बढ़ानी होगी।
‘महिलाओें को उठानी होगी तलवार’
केंद्रीय विद्यालय ओईएफ के छठवीं के छात्र रुद्राक्ष अग्निहोत्री ने अपने जोरदार भाषण से सभी को हिलाकर रख दिया। रुद्राक्ष ने कहा कि देवी के रूप में पूजी जाने वाली महिलाओं को अब ‘दुर्गा’ बनना होगा। समाज नहीं सुधरा तो मां दुर्गा की तरह तलवार उठानी पड़ेगी।