हाईस्कूल के छात्र ने एक ऐसा कदम उठाया कि परिवार में कोहराम मच गया। घायलावस्था में वो अपने आप को बार-बार अनाथ बता रहा था। अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि अाखिर उसने ऐसा क्यों किया। जानिए क्या है पूरा मामला-
कानपुर के गोविंदनगर में मंगलवार को हाईस्कूल के एक छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जीआरपी के मुताबिक घायलावस्था में उसने खुद को पहले अनाथ बताया था। छात्र ने खुदकुशी क्यों की, इस बारे में घर वाले भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
गोविंदनगर रामआसरे नगर निवासी रामचंद्र गुप्ता प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी उमा, दो बेटियां ऊषा, सुनैना और बेटे राहुल व सुधांशु (15) थे। सबसे छोटा बेटा सुधांशु मोहन विद्या मंदिर में हाईस्कूल का छात्र था। मंगलवार शाम को घर वालों से थोड़ी देर में आने की बात कहकर साइकिल से निकला था। इसके बाद वह गोविंदपुरी पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर चला गया और ट्रेन के आगे कूद गया।
इससे उसका एक हाथ और एक पैर कट गया। जीआरपी ने उसे गंभीर हालत में हैलट में भर्ती कराया। जीआरपी ने पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका कोई नहीं है। वह अनाथ है। दोबारा पूछताछ में अपना नाम बताकर बेहोश हो गया। उधर, घर न पहुंचने पर परिजन थाने पहुंचे तो उन्हें हैलट भेजा गया। उनके पहुंचने के पहले ही सुधांशु की मौत हो चुकी थी।