अकबरपुर कस्बे में झोलाछाप के गलत इलाज से छात्रा की मौत हो गई। छात्रा को उलझन होने पर परिजन किसी झोलाछाप से दवाईयां और इंजेक्शन लेकर आ गए। इसके बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कानपुर देहात के अकबरपुर कस्बे में एक छात्रा की देर रात तबीयत बिगड़ी, तो परिवार के लोगों ने झोलाछाप को दिखाया। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। परिवार के लोग निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्रा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
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अकबरपुर कस्बा निवासी संदीप द्विवेदी की बेटी नेहा(22) बीटेक करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। रविवार रात उसको उलझन और घबराहट के साथ जी मिचलाने लगा। सोमवार सुबह परिवार के लोग क्षेत्र के एक झोलाछाप को बुलाकर ले आए। उसने इंजेक्शन और कुछ दवाएं दीं।
इसे खाने के बाद नेहा की हालत और बिगड़ गई तो परिवार के लोग निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। नर्सिंगहोम पंजीयन/झोलाछाप नोडल अधिकारी डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि छात्रा की मौत के बारे में जानकारी नहीं है। कस्बे में झोलाछाप के बारे में पता लगाया जाएगा।