सपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं से कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में भी अंदरखाने खुशी की लहर है। उन्हें गठबंधन के सहारे चुनावी नैया पार लगने की आस है। इसके चलते शहर के दावेदारों ने समर्थकों के साथ लखनऊ और दिल्ली में डेरा डाल दिया है। कई तो इस बात के लिए भी राजी हैं कि उनकी सीट यदि गठबंधन में जा रही है तो कहीं और से ही टिकट मिल जाए।
सपा और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने की स्थिति में ज्यादा नुकसान कांग्रेस को ही है। टिकट के दावेदार कांग्रेसियों का मानना है कि साथ लड़ने पर वोटों का बंटवारा रुकेगा। इससे बीते चुनाव में दो या तीन नंबर पर रहे प्रत्याशियों के जीतने की संभावना बढ़ जाएगी। इसके चलते प्रत्याशी अपनी परंपरागत सीट की बजाय कहीं से भी लड़ने के लिए तैयार हैं।
यही वजह है कि गुलजार रहने वाले तिलक हॉल में इन दिनों सरगर्मी फिलहाल सीमित हैं। लखनऊ-दिल्ली गए दावेदार अपने-अपने पत्ते सेट करने में लग गए हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो दावेदारों की टेंशन गठबंधन के कारण बढ़ गए कंपीटीशन को लेकर ज्यादा है। ऐसे में हर किसी की कोशिश है कि यदि उनकी सीट गठबंधन की भेंट चढ़ जाए, तो भी टिकट बरकरार रहे।