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Kanpur News: छुट्टा गोवंश बन रहे हादसों का सबब, जिम्मेदार नहीं ले रहे सबक

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- गोशालाओं में बंद हैं 10 हजार से ज्यादा गोवंश, इतने ही सड़कों पर घूम रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। छुट्टा गोवंश फसलों को बर्बाद करने के साथ सड़कों पर लोगों की जान ले रहे हैं। गोवंशों के कारण पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं, इसके बाद भी जिम्मेदार आए दिन हो रहे हादसों से सबक नहीं ले रहे।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले की 94 अस्थायी व स्थायी गोशालाओं की क्षमता आठ हजार गोवंशों को रखने की है, जबकि मौजूदा समय इन गोशालाओं में 10 हजार से अधिक गोवंश हैं। किसानों को रात रात भर फसलों की रखवाली करनी पड़ती है। किसानों को डर सताता है कि वह फसल छोड़कर घर लौटे तो गोवंश उसे नष्ट कर देंगे। इसके बावजूद शासन-प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
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शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तमाम शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं। तेजी से बढ़ते छुट्टा पशु किसानों और लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं। छुट्टा गोवंशों की धमाचौकड़ी पर रिपोर्ट...

सीन-एक
कूड़े के ढेर पर एकत्रित होते है गोवंश
इटावा। शहर में पक्का बाग चौराहा, रेलवे रोड चौकी के सामने, पक्का तालाब चौराहा, शास्त्री चौराहा, स्टेशन बजरिया, नुमाइश मैदान सहित कई स्थानों पर गोवंशों का जमावड़ा बना रहता है। गोवंश रात में इन स्थानों पर बैठ जाते हैं, इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। वहीं, कई जगह गोवंशों के आपस में टकराने से घंटों जाम लग जाता है।
सीन-दो
सहसों मार्ग को जाम कर देते है छुट्टा गोवंश
चकरनगर। सहसों मार्ग पर हर समय बीच सड़क पर 20 से अधिक गोवंश डेरा जमाए रहते हैं। जिससे वाहन चालकों समेत राहगीरों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन समाधान नहीं हो सका। स्थानीय राम अवतार, भीमसिंह, जगदीश व बब्लू ने बताया कि गोवंश दिन में तो दिखते है, लेकिन रात में दिखाई न देने के कारण लोग हादसों का शिकार हो जाते है। (संवाद)

सीन-तीन
बारिश के बाद सब्जी मंडी में ठिकाना
भरथना। बारिश होने के बाद खेतों में पानी भरने से मुख्य सड़कों व सार्वजनिक स्थलों पर छुट्टा मवेशियों की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान में कस्बा के प्रमुख बाजार बालूगंज, सब्जी मंडी, बजाजा लाइन सहित कई सार्वजनिक स्थलों समेत मुख्य मार्ग भरथना-बिधूना रोड, ऊसराहार रोड और इटावा व बकेवर रोड पर मवेशी धमाचौकड़ी करते रहते हैं। वाहन चालकों को आवागमन में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। (संवाद)


सीन-चार
राष्ट्रीय राजमार्ग पर झुंड बनाकर हादसों को दावत देते है ये गोवंश
इकदिल। आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोवंशों का झुंड लगातार हादसों का सबब बन रहा है। नगर क्षेत्र में पूर्वी तिराहे से लेकर पश्चिमी तिराहे मार्ग व हाइवे मार्ग सहित अनेक कई जगहों पर 30 से 40 की संख्या में गोवंशों का झुंड रहता है। कभी गोवंश दुर्घटना के शिकार होते हैं तो कभी राहगीर। चालकों को वाहन खड़ाकर स्वयं सड़क से हटाना पड़ता है, जिसके बाद ही वाहन गुजर सकते हैं। हाईवे से बड़ी संख्या में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आवागमन बना रहता है, लेकिन छुट्टा गोवंश की समस्या के निजात दिलाने का प्रयास नहीं किया। (संवाद)
हाल के दिनों में छुट्टा गोवंशों से हुए हादसे

1-दिसंबर में सैफई में घर के बाहर खड़े वृद्ध किसान को सांड़ को सींगों पर उठाकर सड़क पर पटक दिया, जिससे किसान की मौत हो गई थी।

2-ताखा ब्लॉक क्षेत्र के हिरमानी निवासी किसान तीन दिसंबर को दरवाजे पर बैठा था। तभी सांड़ ने वृद्ध को उठाकर फेंक दिया था। चार दिसंबर की रात उनकी मौत हो गई थी।

3-बसरेहर थाना क्षेत्र के गांव बनकटी खुर्द एक जुलाई को सुबह खेत जा रहे ग्रामीण पर सांड़ ने हमला बोल दिया था। जिला अस्पताल में घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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4- जूनमें सरसई नावर निवासी किसान खेत पर जा रहा था तभी छुट्टा गोवंश ने घायल कर दिया था। कुछ दिन इलाज के बाद उनकी भी मौत हो गई।


वर्जन
गोवंशों को पकड़ने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अभियान चलाकर छुट्टा गोवंश को पकड़वाया जाएगा। सभी ब्लॉक के अधिकारियों के साथ बैठकर इस समस्या के समाधान के लिए सार्थक प्रयास किए जाएंगे। डॉ.मनोज गुप्ता, सीवीओ
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