किताबों की दुनिया से दूर हो रहे बच्चों को इनके नजदीक लाने, सादगी की जिंदगी जीने के लिए प्रेरित करने और उनकी रचनात्मकता को विकसित करने में मदद करने के लिए रूट्स एंड विंग की ओर से दो दिवसीय कानपुर चिल्ड्रेंस लिटरेरी फेस्टिवल का आयोजन शहर में पहली बार किया जा रहा है। पांडु नगर स्थित एक रेस्टारेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी संस्था की संस्थापक नंदना दिशा अरोरा ने दी।
संस्थापक नंदना अरोरा ने बताया कि 2 और 3 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम में देश-विदेश के 15 लेखक, मनोवैज्ञानिक, ड्रम वादक, बैले डांसर अलग-अलग तरीकों से बच्चों को कहानी लेखन, पढ़ने आदि के टिप्स देंगे।
इसमें स्पेशल बच्चों के लिए भी सत्र होगा। दो दिनों में 50 वर्कशॉप कराई जाएंगी। नीलम अरोरा ने बताया कि इसमें शहर के 15-16 स्कूलों के बच्चों को बुलाया गया है। यहां अन्य स्कूल के बच्चे भी इसमें शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम मैथाडिस्ट हाईस्कूल में होगा। इंट्री पास के जरिये होगी।
एक दिन के लिए तीन सौ और दो दिन के लिए पांच सौ रुपये शुल्क रखा गया है। फ्री पास भी दिये गए हैं। अंजली दिव्या गुप्ता ने बताया कि मौजूदा समय में बच्चे किताबों से दूर होकर मोबाइल, टीवी और अन्य इलेक्ट्रानिक्स के गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं।
इस दौरान बच्चों को स्पीकर योग, गीता, उपनिषद के महत्व की जानकारी देंगे। युवाओं में जरूरी स्किल के बारे में विशेषज्ञ जानकारी देंगे। ‘चेरी-बेरी टेल्स’ किताब का विमोचन भी किया जाएगा। वार्ता के दौरान स्वाती माहेश्वरी, मितुषी नेगी, प्रियंका, सोनल सेठी आदि थे।
ये रहेंगे वक्ता...
रूपा पाई, केरेन डी पाउला (ब्राजील), रितुपर्णा घोष, डॉ. तनु श्री सिंह, दीपा किरन, रूपा गुलाब, समीना मिश्रा, सीमा मुखर्जी, कविता सिंह, इरा सक्सेना, ज्योति पांडेय, राज स्मृति, केनाश्री, रॉय राबर्ट (अफ्रीका) मितुषी नेगी, नीलम सराया, स्वाती माहेश्वरी विशेषज्ञ के तौर पर बच्चों को जानकारियां देंगे।