भाजपा विधायक मथुरा पाल को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सीएम, विधायक की फाइल फोटो, रोते बिलखते परिजन
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इसे संयोग ही कहेंगे कि जहां की मन्नत से जन्म हुआ, विधायक ने अंतिम सांस भी वहीं पहुंचकर लीं। ऐसा कहना है कि उनके भतीजे वीरेंद्र पाल का। वीरेंद्र ने बताया कि भाजपा विधायक मथुरा प्रसाद पाल की मां इंद्राणी देवी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। अक्सर वह मथुरा-वृंदावन दर्शन को जाती थीं। दो बेटों के जन्म के बाद उन्होंने मथुरा-वृंदावन में दर्शन के दौरान तीसरा बेटा होने की मन्नत मानी थी। कहा था कि बेटा हुआ तो उसका नाम मथुरा रखेंगी और मुंडन संस्कार भी यहीं आकर कराएंगी।
भगवान ने उनकी सुनीं और उनके तीसरे बेटे का जन्म हुआ। उन्होंने जिसका नाम मथुरा रखा, जिसे बाद मथुरा प्रसाद पाल के नाम से जाना गया। मुंडन संस्कार भी मथुरा में जाकर धूमधाम से कराया था। जब कभी समय मिलता वह मथुरा दर्शन को जाते थे। इसे संयोग ही कहेंगे कि उन्हें इलाज के लिए जब गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल ले जा रहे थे तो मथुरा के पास अचानक उनकी तबियत और बिगड़ गई। पिता की हालत देख बेटों ने मथुरा के अस्पताल ले जाने की सोच रहे थे कि उनकी सांसें थम गईं।