उनके साथ इलाके के आदम और मुजीबुर्रहमान भी सड़क खुदाई कर रहे थे। तभी शिव सागर बाहर निकले और गाली गलौज करते हुए पत्थर चलाने लगे। इस पर एक पत्थर प्रदीप के सिर पर लग गया। इसके बाद प्रदीप और शिव सागर में मारपीट होने लगी। तभी प्रदीप की बहन खुशबू बीच बचाव करने पहुंची तो शिव सागर ने उसे भी मारा। इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव होने लगा।
शिव सागर ने लाइसेंसी बंदूक से फायर झोंक दिया। जिससे रास्ते से ई रिक्शा लेकर जा रहे इलाके के संदीप विश्वकर्मा के गोली लगने से उनकी मौत हो गयी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मृतक समेत घायल प्रदीप, अदनान, मुजीबुर्रहमान, खुशबू आदि को लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंची। जहां पर मृतक के परिजन समेत प्रदीप के घरवालों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। साथ ही एसीपी चकेरी अमरनाथ यादव से परिजनों की बहस व हाथापाई भी हुई। मौके पर डीसीपी पूर्वी शिवाजी समेत कई थानों का फोर्स पहुंचा। पुलिस अभी भी परिजनों को समझाकर शांत कराने के प्रयास में जुटी है।