उन्हें पुलिस लाइन से सरकारी पिस्टल आवंटित है। जोगेंद्र सिंह पांच मार्च से तीन दिन के आकस्मिक अवकाश पर गए थे। शुक्रवार को वापस आने पर उपनिरीक्षक ने बताया कि वह पुलिस क्लब में ही रहता है। अपनी सरकारी पिस्टल क्लब में अपने बक्से में रखकर गया था। वापस आने पर बक्से का ताला टूटा मिला और पिस्टल गायब मिली।
मामले उपनिरीक्षक की लापरवाही भी सामने आई
सरकारी पिस्टल गायब होने की जानकारी मिलने पर खलबली मच गई। शहर कोतवाली में तहरीर के आधार पर शुक्रवार आधीरात के बाद लगभग डेढ़ बजे पूरे मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उपनिरीक्षक की लापरवाही भी पूरे मामले में सामने आई है। उपनिरीक्षक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
अवकाश पर जाने से पहले जमा करानी होती है सरकारी पिस्टल
नियम के मुताबिक पुलिस लाइन से आवंटित होने वाले सरकारी शस्त्र ड्यूटी करने के लिए होते हैं। यूपी 112 पर तैनात कर्मचारियों के लिए तो विशेष निर्देश हैं कि अवकाश पर जाने से पहले आवंटित किए गए शस्त्र पुलिस लाइन में जमा कराना चाहिए।
पूर्व में भी कई बार हो चुका है दंडित
ऐसा संभव न होने पर संबंधित कोतवाली में भी सरकारी शस्त्र जमा कराए जाने की व्यवस्था है, लेकिन जोगेंदर सिंह ने ऐसा नहीं किया। अब इसी आधार पर जोगेंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है। पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि जोगेंद्र सिंह की चरित्र पंजिका भी देखी गई है। उन्हें पूर्व में भी कई बार लापरवाही के लिए दंडित किया जा चुका है।