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UP: कर्मचारी पुलिस का...आवास पुलिस का, पिस्टल पुलिस की और फिर भी चोरी, अब कार्रवाई की तैयारी, जानें पूरा मामला

Sat, 09 Mar 2024 04:06 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

Hardoi News: जिले में यूपी 112 की पीआरवी में तैनात उपनिरीक्षक की पिस्टल चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरों ने पुलिस क्लब में रखे बक्से का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया है।
 
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सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कर्मचारी पुलिस का...आवास सरकारी और पिस्टल सरकारी। फिर भी बक्सा तोड़कर पिस्टल चोरी हो गई। मामला हरदोई जिले का है, जहां यूपी 112 की पीआरवी में तैनात उपनिरीक्षक की नौ एमएम की सरकारी पिस्टल और दस कारतूस संदिग्ध हालात में चोरी हो गए। उपनिरीक्षक की तहरीर पर शहर कोतवाली में पिस्टल चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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चोरी गई पिस्टल का पता लगाने के लिए तीन पुलिस टीमें लगाई गई हैं।  संबंधित उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी मिले हैं। मूल रूप से अलीगढ़ जनपद के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के मोहल्ला रघुवीरपुरी निवासी जोगेंद्र सिंह उपनिरीक्षक हैं। उनकी तैनाती यूपी 112 की पीआरवी में कमांडर के पद पर है।

उन्हें पुलिस लाइन से सरकारी पिस्टल आवंटित है। जोगेंद्र सिंह पांच मार्च से तीन दिन के आकस्मिक अवकाश पर गए थे। शुक्रवार को वापस आने पर उपनिरीक्षक ने बताया कि वह पुलिस क्लब में ही रहता है।  अपनी सरकारी पिस्टल क्लब में अपने बक्से में रखकर गया था। वापस आने पर बक्से का ताला टूटा मिला और पिस्टल गायब मिली।  

मामले उपनिरीक्षक की लापरवाही भी सामने आई
सरकारी पिस्टल गायब होने की जानकारी मिलने पर खलबली मच गई। शहर कोतवाली में तहरीर के आधार पर शुक्रवार आधीरात के बाद लगभग डेढ़ बजे पूरे मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उपनिरीक्षक की लापरवाही भी पूरे मामले में सामने आई है। उपनिरीक्षक पर भी कार्रवाई की जाएगी।

अवकाश पर जाने से पहले जमा करानी होती है सरकारी पिस्टल
नियम के मुताबिक पुलिस लाइन से आवंटित होने वाले सरकारी शस्त्र ड्यूटी करने के लिए होते हैं। यूपी 112 पर तैनात कर्मचारियों के लिए तो विशेष निर्देश हैं कि अवकाश पर जाने से पहले आवंटित किए गए शस्त्र पुलिस लाइन में जमा कराना चाहिए।
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पूर्व में भी कई बार हो चुका है दंडित
ऐसा संभव न होने पर संबंधित कोतवाली में भी सरकारी शस्त्र जमा कराए जाने की व्यवस्था है, लेकिन जोगेंदर सिंह ने ऐसा नहीं किया। अब इसी आधार पर जोगेंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है। पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि जोगेंद्र सिंह की चरित्र पंजिका भी देखी गई है। उन्हें पूर्व में भी कई बार लापरवाही के लिए दंडित किया जा चुका है।
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