कानपुर। ईरान-इस्रराइल-अमेरिका युद्ध के कारण शहर के निवेशकों को नुकसान हुआ है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों में उछाल से दुनिया भर के बाजारों में गिरावट आई है। कानपुर के निवेशकों को करीब 6,000 करोड़ रुपये का झटका लगा है। सोमवार को सेंसेक्स करीब 2500 अंकों तक गिरा था। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी की खबरों के बाद थोड़ा सुधार देखने को मिला। अंत में सेंसेक्स 1353 अंक और निफ्टी 422 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।
युद्ध शुरू हुए 10 दिन हो गए हैं जिसमें पांच दिन शेयर बाजार खुला। गुरुवार को छोड़कर बाकी चार कारोबारी दिनों में बाजार में गिरावट दर्ज हुई। बाजार अपने उच्चतम स्तर से 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इस गिरावट से सीधे शेयरों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड और यूलिप (यूनिट लिंक्ड बीमा योजना) की निवेश सूची में भी गिरावट आई है।
केश्री ब्रोकिंग के सह-संस्थापक राजीव सिंह ने बताया कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण शेयर बाजार में गिरावटदर्ज की गई है। दुनिया भर के बाजारों में भारी बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी प्रमुख कारण हैं। इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी ने भी शेयर बाजार को नीचे धकेला है।
क्या करें निवेशक
ब्रेंट क्रूड में तेजी के कारण बाजार और अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। अगर अमेरिका-ईरान संघर्ष लंबा चलता है तो भारत जैसे बड़े तेल खरीदार देशों पर इसका असर पड़ेगा। महंगाई बढ़ सकती है। लेकिन इतिहास बताता है कि भू-राजनीतिक घटनाओं का बाजार पर असर आमतौर पर लंबे समय तक नहीं रहता है। इसलिए लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए। मजबूत सेक्टर वाले शेयरों में किश्तों में निवेश किया जा सकता है।