कानपुर। हैलट में पहली स्टेम सेल स्किल लैब बनाई जाएगी। इसके लिए शासन ने भी हरी झंडी दे दी है। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में यह पहली लैब होगी। अभी केजीएमयू लखनऊ में भी लैब है लेकिन सबसे अधिक रोगियों को स्टेम सेल थैरेपी हैलट में दी गई है। अस्पताल परिसर में बन रहे डग्ग्नोस्टिक हब में स्टेम सेल लैब बनाए जाने की योजना है।
हैलट में अभी तक 300 से अधिक रोगियों को स्टेम सेल थैरेपी दी जा चुकी है। इसमें रोगियों के शरीर की स्टेम सेल की उन्हें प्रत्यारोपित की गई। खासतौर पर न्यूरो, स्पाइनल कॉर्ड की चोट, आंखों में इसका इस्तेमाल किया गया है। इसके लिए किट का इस्तेमाल करना पड़ता रहा है लेकिन स्टेम सेल स्किल लैब खुल जाने के बाद कोशिकाओं का कल्चर करने की भी व्यवस्था रहेगी। स्टेम सेल बैंक भी रहेगा।
इसमें नवजात की नाड़ को सुरक्षित कर लिया जाएगा। रोगियों को जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अभी रोगी की अपनी स्टेम कोशिकाओं को ही प्रत्यारोपित किया जाता है। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन डायग्नोस्टिक हब के भवन में स्टेम सेल स्किल लैब स्थापित किए जाने की योजना है। इसके अलावा ओपीडी विंग में स्किल लैब स्थापित की जाएंगी। स्टेम सेल स्किल लैब स्थापित होने से इस संबंध में शोध करने में आसानी रहेगी। उन्होंने बताया कि लैब के संबंध में शासन से हरी झंडी मिल गई है।