कांग्रेस जिलाध्यक्ष की पिटाई की फाइल फोटो
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जालौन जिले के उरई में छेड़खानी के आरोप में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा की पिटाई करने वाली पार्टी की पूर्व पदाधिकारी रविवार को अपने आरोपों से पलट गईं। कालपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि अनुज मिश्रा ने उनके साथ कोई छेड़खानी नहीं की थी बल्कि पार्टी जिलाध्यक्ष से लेनदेन का विवाद था।
कुछ लोगों के कहने पर ही उन्होंने छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अचानक पूर्व पदाधिकारी के इन बदले हुए बयानों से राजनीतिक क्षेत्र में अलग-अलग चर्चाएं होती रहीं। पार्टी की पूर्व पदाधिकारी ने कहा कि उन्हें फिलहाल कोई पद भी नहीं चाहिए।
वे पार्टी में सदस्य के तौर पर ही बनीं रहेंगी। हालांकि जिलाध्यक्ष के वायरल ऑडियो के संबंध में पूर्व पदाधिकारी चुप्पी साध गई हैं। उन्होंने कहा कि गुस्से में आकर उन्होंने मुकदमा दर्ज करा दिया था। किसी तरह के प्रलोभन की बात से भी इनकार किया। बता दें कि पार्टी की पूर्व पदाधिकारी ने सप्ताह भर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष की सरेराह पिटाई कर दी थी।
सामने आई पार्टी की गुटबाजी
पूर्व पदाधिकारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि लेनदेन के विवाद को छेड़खानी का रुप देने के लिए उन्हें पार्टी के ही कुछ लोगों ने उकसाया था। जिनका पूर्व पदाधिकारी ने नाम तो उजागर नहीं किया लेकिन उनकी बात से इतना साफ हो गया है कि कांग्रेस में जबरदस्त गुटबाजी भी चल रही है।
कहीं हाईकमान का दबाव तो नहीं था
छेड़खानी के आरोप में जिलाध्यक्ष की पिटाई, फिर जांच समिति का आकर बयान ले जाना और इसके बाद ही पूर्व पदाधिकारी का छेड़खानी के आरोपों से पलट जाना, इस ओर भी सवाल खड़ा करता है कि कहीं पूर्व पदाधिकारी या उनके परिवार पर पार्टी हाईकमान का दबाव तो नहीं था।