डेंगू का इलाज करते-करते खुद डॉक्टर और कर्मचारी बीमार हो गए हैं। मामला है उन्नाव गंजमुरादाबाद स्वास्थ्य केंद्र का। कई दिनों से बुखार से पीड़ित सीएचसी प्रभारी ने जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। वह हरदोई के एक नर्सिंगहोम में इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र के अधिकतर कर्मचारी बुखार की वजह से छुट्टी लेकर घर चले गए हैं।
उन्नाव के गंजमुरादाबाद कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लगभग सभी कर्मचारी वायरल फीवर से पीड़ित हैं। पिछले दिनों पीएचसी के अन्य कर्मचारियों के साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. संजीव वर्मा की भी तबियत बिगड़ गई थी। उन्हें हरदोई के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया था। जांच में उन्हे डेंगू होने की पुष्टि हुई।
इसके अलावा एक अन्य कर्मी अमृतपाल डेंगू का शिकार हुआ है उसका भी इलाज चल रहा है। सीएमओ डा. भूपेंद्रनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि गंजमुरादबाद पीएचसी प्रभारी डा. संजीव कुमार व स्वास्थ्यकर्मी अमृतपाल सिंह का इलाज चल रहा है। हालत में पहले से काफी सुधार आया है।
गंजमुरादाबाद क्षेत्र का हर गांव और हर घर वायरल फीवर की चपेट में है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयास के बावजूद भी रोगों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
उधर कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलोजी विभाग में सोमवार को 300 मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच की गई जिसमें 54 नए मरीजों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। कानपुर और आसपास जिलों में अब तक 2123 से अधिक मरीज डेंगू से पीड़ित चिह्नित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर डेंगू पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित होते नजर आ रहे हैं।