इटावा में फायरिंग प्रशिक्षण के बाद 56 ट्रेनी दारोगाओं समेत 60 लोगों को लेकर काली मिट्टी स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर जा रही बस गुरुवार रात करीब 12 बजे उन्नाव-हरदोई मार्ग पर अनियंत्रित होकर भदनी नदी में गिर गई। बस में फंसे लोगों को बाहर निकाल एंबुलेंस से 42 ट्रेनी दरोगाओं को जिला अस्पताल एवं अन्य को सीएचसी सफीपुर ले जाया गया। जिला अस्तपाल से प्रशिक्षक समेत पंाच ट्रेनी दरोगाओं को ट्रामासेंटर रेफर कर दिया गया है। पांच लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। अन्य को प्राथमिक उपचार देने के बाद ट्रेनिंग सेंटर भेज दिया गया।
फतेहपुर चौरासी के काली मिट्टी स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में वर्ष 2011 की एसआई भर्ती में चयनित हुए ट्रेनी दरोगाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। बुधवार को 56 ट्रेनी दरोगा फायरिंग प्रशिक्षण लेने के लिए इटावा के बाहुरी गांव स्थित 28 वीं पीएसी फायरिंग बट स्थल गए थे। उनके साथ प्रशिक्षक थान सिंह व स्वीपर भी था। गुरुवार को प्रशिक्षण के बाद प्राइवेट बस ट्रेनी दरोगाओं समेत 60 लोगों को लेकर काली मिट्टी स्थित पीटीएस लौट रही थी। रात करीब 12 बजे उन्नाव-हरदोई मार्ग पर माखी थाना क्षेत्र के भदनी नदी पुल के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक की रोशनी से बस चालक पुलिया देख नहीं पाया और बस पुलिया से रगड़ते हुए नदी में पलट गई। घटना के बाद बस सवारों में चीखपुकार मच गई। बस के सीसे लगने से सभी घायल हो गए। बस से किसी तरह निकले ट्रेनी दरोगाओं ने पानी में तैरकर खुद की जान बचाई। तैराना नहीं आने से सुशील कुमारनामक ट्रेनी डूबने लगा, जिसे कुछ देर बाद अन्य साथियों ने बाहर निकला। बस में रखा सामान भी डूब गया। एक ट्रेनी ने मोबाइल से 108 एंबुलेंस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस से घायलों को सीएचसी सफीपुर एवं कुछ को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां गंभीर रूप से घायल प्रशिक्षक थान सिंह, ट्रेनी अमित, रामदेव, कृष्णचंद्र यादव, व विकास चौहान को ट्र्र्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। इसके अलावा ट्रेनी सुशील दुबे, ऋतिक, सूर्यप्रकाश सिंह, गयाप्रसाद व संदीप का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामूली रूप से चुटहिल हुए अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद ट्रेनिंग सेंटर भेज दिया गया।। घटना की सूचना पर पीटीएस एसपी पंकज कुमार, एएसपी भीमप्रिय अशोक समेत अन्य अधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंच घायलों का हाल जाना। उधर नदी में बस गिरने के बाद जवानों का सामान पानी में डूब गया। शुक्रवार को तैराक जवानों ने ग्रामीणों की मदद से पानी में डूबे कई बैग बाहर निकाले। हालांकि कई जवानों के मोबाइल व अन्य कीमती सामान पानी में समा गया।