ब्लॉक प्रमुख चुनाव में निर्विरोध जीत का सपाइयों का सपना उसकी पार्टी के
बागियों ने ही तोड़ दिया। ब्लॉक प्रमुख की दस सीटों में से पांच पर सपा
प्रत्याशियों के सामने पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ही चुनौती दे दी है।
पार्टी के जिला स्तर के पदाधिकारी और विधायक बागियों को मनाने में जुटे
रहे, इसके बावजूद शुक्रवार को सभी ने अपना नामांकन कर दिया। देर रात तक
मनाने का सिलसिला जारी रहा।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में जिस तरह से
सपा ने गोलबंदी कर ली थी। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में वह नहीं हो पाया। देहात
जनपद में फिर भी ज्यादातर सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को निर्विरोध
जिताने में सफल रही है। विधनू ब्लॉक में जिस सपा कार्यकर्ता सोनू यादव को
पार्टी ने टिकट नहीं दिया, आखिरी मौके पर उसने पार्टी का साथ छोड़ते हुए
विपक्ष की प्रत्याशी शशि यादव के साथ जा मिला।
सोनू की पत्नी रीता यादव,
शशि यादव की प्रस्तावक भी बन गई। जिन सीटों पर सपा के बागियों ने चुनाव
लड़ने का फैसला किया है उसमें चौबेपुर में कमला, पतारा में मीना देवी,
बिल्हौर में योगेंद्र प्रताप सिंह, सरसौल से चंद्रजीत यादव शामिल हैं।
घाटमपुर में देविका सिंह भी सपा की बागी बन मैदान में हैं।
नगर जनपद की दो सीट पर सपा निर्विरोध
नगर
जनपद की दो सीट शिवराजपुर और कल्याणपुर में सपा के प्रत्याशी निर्विरोध
चुनाव जीतने की स्थिति में आ गए हैं। शिवराजपुर से राजेश कुमार और
कल्याणपुर से अजय यादव। इन दोनों सीटों पर कोई दूसरा प्रत्याशी परचा नहीं
भर पाया है।
शिवराजपुर में तो मामला शांत रहा, लेकिन कल्याणपुर में विपक्ष
से पर्चा दाखिल करने आई देवेंद्र सिंह चंदेल की पत्नी सुधा चंदेल ने आरोप
लगाया कि उनका पर्चा सपा के लोगों ने जबरन फाड़ा डाला। इसी वजह से वे
नामांकन नहीं कर पाई। निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में उन्होेंने सपा
प्रत्याशी पर आरोप लगाया है। इस मामले में सहायक चुनाव अधिकारी एसपी
त्रिवेदी ने बताया कि सिर्फ एक नामांकन हुआ।
सबसे ज्यादा प्रत्याशी बिल्हौर में
सरसौल
में दो, विधनू में दो, शिवरापुर एक, पतारा में दो, कल्याणपुर में एक,
बिल्हौर में चार, ककवन में दो, भीतरगांव में दो, घाटमपुर में दो, चौबेपुर
में दो।