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स्नातक, परास्नातक की परीक्षा फीस कम

Sat, 06 Feb 2016 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को गंभीरता से लेते हुए कानपुर यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को स्नातक (बीए, बीएससी, बीकॉम सहित अन्य) और परास्नातक (एमए, एमएससी, एमकॉम सहित अन्य) कक्षा की परीक्षा फीस कम कर दी है।
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फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलोजी और बॉटनी का परीक्षा शुल्क अब नहीं लिया जाएगा। पहले 100 रुपये फीस ली जाती थी। वायवा का 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव (सत्र 2015-16) से लागू की गई है। अगले सत्र 2016-17 में भी यही शुल्क देना पड़ेगा।

यूनिवर्सिटी की रेग्युलर और प्राइवेट परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू हो रही हैं। इसके बावजूद 75 कॉलेजों ने करीब डेढ़ लाख स्टूडेंटों की परीक्षा फीस नहीं जमा की। इसी बीच हाईकोर्ट ने परीक्षा फीस घटाने का आदेश जारी कर दिया। इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सलाह ली और फीस कम करने का आदेश शुक्रवार को जारी कर दिया।
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इसके मुताबिक स्नातक कक्षा के हर स्टूडेंट की परीक्षा फीस अब 250 रुपये कर दी गई है। इससे पहले 685 रुपये लिए जाते थे। परास्नातक की परीक्षा फीस अब 300 रुपये ली जाएगी। इससे पहले करीब 785 रुपये वसूले जाते थे। परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर ने बताया कि जिन कॉलेजों ने परीक्षा फीस नहीं जमा की है, वे 15 फरवरी तक जमा करा दें।

प्रति स्टूडेंट के हिसाब से 300 रुपये विलंब शुल्क भी जमा कराया जाएगा। निर्धारित तारीख तक फीस नहीं जमा हुई तो संबंधित कॉलेजों के स्टूडेंटों का एडमिट कार्ड रोक दिया जाएगा। स्टूडेंट परीक्षा नहीं दे सकेंगे, इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।

नोडल और परीक्षा केंद्र बनाने का काम पूरा
यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं के लिए नोडल और परीक्षा केंद्र बनाने का काम पूरा हो गया। इस बार 17 नए नोडल केंद्र बनाने के प्रस्ताव हैं। पिछली बार 109 नोडल केंद्र बने थे। प्रस्ताव पर मुहर लगी तो नोडल केंद्र 126 हो जाएंगे। 1026 परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है।

कम स्टूडेंट पर बदलेगा केंद्र
जिन कॉलेजों में 100 से कम स्टूडेेंट हैं, उनकी परीक्षा आसपास के कॉलेजों में कराई जाएगी। केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया भी 15 फरवरी तक पूरी कराई जानी है। ऐसा न करने वाले कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। यूनिवर्सिटी से अनुमोदित प्रिंसिपल, शिक्षक को ही केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष बनाया जाना है।   
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