बता दें कि बुंदेलखंड में अन्ना गोवंश की समस्या विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनी थी। दोबारा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छुट्टा गोवंशों को गोशालाओं में संरक्षित करने के आदेश दिए थे, किंतु जिले के अधिकारी इस आदेश पर अमल नहीं कर रहे हैं। उल्टे ज्यादातर गोशालाओं से गोवंशों को छुट्टा छोड़ दिया गया है।
ये गोवंश फसलों को चट कर रहे हैं। बारिश के मौसम में सूखे स्थान की तलाश में हाईवे पर बैठते हैं। वाहनों की चपेट में आकर आए दिन उनकी मौत हो रही है। शव उठवाने पर भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। जहां-तहां पड़े गोवंश के शवों को कुत्ते नोचते रहते हैं।
ग्राम पंचायत कुण्डौरा में रविवार की रात वाहन की चपेट में आकर हाईवे पर गोवंश की मौत हो गई। सोमवार दोपहर तक जिसे कुत्ते नोंचते दिखे। वहीं गोशाला में सन्नाटा पसरा मिला। गोशाला के बाहर एक गोवंश एक पखवारे बीमार पड़ा है, जो उठ नहीं सकता।
उसे आस-पास के लोग चारा दे देते हैं, जिससे वह जीवत है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां गोवंश को लेकर कोई इंतजाम नहीं है। विकास भवन से चंद कदम की दूरी पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सामने हाइवे पर सोमवार सुबह किसी वाहन ने गोवंश को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। विकास भवन में अधिकारी भी बैठते हैं, लेकिन कोई उठाने नहीं आया है।