कांग्रेस और सपा के बीच पिछले कई दिनों से चल रही गठबंधन की बयार शनिवार को ज्यादा ही तेज हो गई। जिससे दोनों पार्टियों के पदाधिकारी, दावेदार और प्रत्याशी फिर बेचैन हो गए। सुबह से लेकर दोपहर तक सोशल मीडिया के जरिए दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होेने चर्चा इतनी ज्यादा रही कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को हर एक कार्यकर्ता के पास मैसेज भेजना पड़ा। जिसमें कहा गया यह पूरी तरह से अफवाह है।
सपा यह मानकर चल रही है कि यदि कांग्रेस उसके साथ मिलकर चुनाव लड़ती है तो भाजपा और बसपा को मात देना उनके लिए ज्यादा आसान होगा। कांग्रेस के राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का भी यही मानना है। इसके बावजूद दोनों पार्टियों में गठबंधन को लेकर खलबली देखी गई।
कांग्रेसी मानते हैं कि यदि सपा से पार्टी का गठबंधन होता है तो पिछले दिनों राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से शुरू किए 27 साल यूपी बेहाल का नारा बेमतलब चला जाएगा। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस 2017 का चुनाव जिन मुद्दों पर लड़ रही है उसमें सपा की गुंडागर्दी, बसपा की धन लेकर टिकट देने और भाजपा की वादा खिलाफी शामिल है पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम पाल का कहना है कि सपा के साथ यह गठबंधन किसी भी सूरत में कांग्रेस के फायदे में नहीं होगा। इधर, सपा के वरिष्ठ नेता और दर्जा प्राप्त मंत्री सुरेंद्र मोहन अग्रवाल का कहना है कि हमारे नेता अखिलेश यादव चाहते हैं कि गठबंधन से फायदा होगा तो पूरी पार्टी उनके साथ है।
मैसेज में यह लिखा है प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने
सपा कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर विपक्ष से फैलायी जा रहे बातें सिर्फ अफवाह हैं। कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता की गठबंधन को लेकर किसी से कोई बात नहीं हो रही है। सभी कार्यकर्ता अफवाह छोड़ 2017 के चुनाव में जुट जाएं।