यूपीएसआईडीसी व कैंट बोर्ड की तरह ही कुछ और सरकारी विभाग आयकर के निशाने पर हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक चिह्नित सरकारी विभागों में 50 करोड़ से अधिक टीडीएस चोरी के संकेत मिले हैं। आयकर अफसरों ने ऐसे विभागों की कुंडली निकाल ली है और जल्द ही जांच पड़ताल हो सकती है।
आयकर विभाग के टीडीएस विंग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स विभाग ने करदाताओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। करदाताओं में सरकारी विभाग भी शामिल होते हैं।
विभिन्न मदों में व्यय पर यहां से टीडीएस व टीसीएस की कटौती की जाती है, लेकिन कई विभागों में टीडीएस व टीसीएस में हेरफेर की सूचनाएं आ रही हैं। जल्द ही यहां आयकर विभाग के सर्वे होंगे।
बिल व टैक्स भुगतान की मांगी जानकारी
आयकर विभाग ने सभी सरकारी विभागों से आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक जमा होने वाले बिल व टैक्स भुगतान का ब्यौरा मांगा है। खासतौर से नगर निगम, बिजली विभाग, केडीए, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी, यूपीएसआईसी, उद्योग विभाग, वाणिज्यकर से जानकारी मांगी है।