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अखिलेश-माया के मिलन से टूट सकता है भाजपा का व्यूह, कांग्रेस खेमे में भी मची इस वजह से हलचल

Mon, 14 Jan 2019 08:28 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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अखिलेश-माया
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सपा और बसपा का गठबंधन होने के बाद भाजपा और कांग्रेस में हलचल मच गई है। यूपी में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सपा के साथ हाथ मिलाया था लेकिन इस बार बसपा सुप्रीमों मायावती ने पहल करते हुए सपा से गठबंधन कर लिया है। अखिलेश और मायावती के मिलने से कांग्रेस का व्यूह तो टूटता हुआ नजर आ रहा है पर इससे भाजपा खेमे में भी हलचल शुरु हो गई है। 
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फर्रुखाबाद जिले में सपा और बसपा में गठबंधन का एलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नए गठबंधन से कांग्रेस बाहर है। कांग्रेस से सलमान खुर्शीद ही टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। सपा से टिकट के लिए आवेदन कर चुके नेता हाईकमान से जोड़तोड़ करने में लग गए हैं। भाजपा में भी दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। हालांकि अभी आवेदन किसी ने नहीं किया है। सपा सूत्रों की मानें तो जिले से गैर यादव प्रत्याशी को साइकिल की सवारी कराई जा सकती है।
 

लुईस खुर्शीद ने बताया कि कांग्रेस समझौता कर गठबंधन नहीं चाहती

मायावती - अखिलेश, सीएम योगी आदित्य नाथ
लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को गठबंधन की घोषणा की है। गठबंधन में अगर कांग्रेस शामिल रहती तो भी जिले से टिकट का प्रबल दावेदार पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को ही माना जा रहा था और अब गठबंधन के बाहर होने के बावजूद उन्हें टिकट मिलना तय माना जा रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा ने बताया कि टिकट के लिए अभी किसी ने दावेदारी नहीं की है। कांग्रेस लोकसभा प्रभारी लुईस खुर्शीद ने बताया कि कांग्रेस समझौता कर गठबंधन नहीं चाहती। कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है। सलमान खुर्शीद के टिकट मिलने के सवाल पर लुईस ने कहा कि उनसे ज्यादा मजबूत प्रत्याशी और कोई है क्या। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को सलमान खुर्शीद पितौरा में कार्यक्रम कर सकते हैं।  

 

साइकिल की सवारी करने की जुगत भिड़ाने में लगे हैं

अखिलेश-माया, राहुल गांधी
गठबंधन में जिले की सीट सपा की झोली में होने के चलते सपा से पूर्व सांसद चंद्रभूषण सिंह मुन्नूबाबू, रामेश्वर सिंह यादव, सचिन यादव लव, सतीश दीक्षित, डॉ. नवल किशोर शाक्य, महेंद्र कटियार और डॉ. अनार सिंह टिकट की लाइन में हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार गैर यादव व्यक्ति को टिकट देने की रणनीति के चलते आलोक शाक्य भी दावेदारी पेश कर सकते हैं। सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी का कहना है कि टिकट के लिए कई लोगों ने आवेदन कर रखा है। अंतिम निर्णय हाईकमान को करना है। सूत्रों के अनुसार, जिले में हाथी की सवारी कर चुके एक नेता साइकिल की सवारी करने की जुगत भिड़ाने में लगे हैं। 
 
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जिम्मेदारी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दी गई है

भारतीय जनता पार्टी में भी टिकट की लाइन में सांसद मुकेश राजपूत, वीरेंद्र राठौर, डॉ. मिथलेश अग्रवाल, सत्यपाल सिंह और जलालाबाद के पूर्व विधायक नीरज मौर्य समेत कई दिग्गज शामिल हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो बैकवर्ड सीटों पर टिकट देने की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दी गई है और उन्होंने ही नीरज मौर्य को पार्टी में शामिल कराया है। भाजपा जिलाध्यक्ष भूदेव राजपूत ने बताया कि टिकट के लिए अभी किसी ने आवेदन नहीं किया है। इधर, गठबंधन में सीटों का बंटवारा होने से बसपा से टिकट लेने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लग सकती है।
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