कानपुर। करीब 1500 करोड़ की ठगी के मामले में भले अभिनेता सोनू सूद के अधिवक्ताओं ने नोटिस का जवाब प्रस्तुत कर दिया है लेकिन सोनू सूद को एसआईटी के अधिकारियों के सवालों का जवाब देने शहर आना पड़ेगा। वहीं, बुधवार देर शाम अमर उजाला से हुई विशेष बातचीत में साेनू सूद ने कहा वह जांच में पुलिस की हर संभव मदद करेंगे।
अमर उजाला संवाददाता ने अभिनेता से ठगी में शामिल होने के आरोपों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह हमेशा जरूरतमंदों और पीड़ितों के साथ हैं। ब्लूचिप कॉमर्शियल ब्रोकर्स से उनका कोई लेना देना नहीं है और न ही कंपनी से किसी तरह से जुड़े। वह कंपनी के ब्रांड एंबेसडर भी नहीं थे।
न ही कंपनी से किसी तरह का कोई करार किया है। केवल सेलिब्रिटी के रूप में उनकी दो पार्टियों में शामिल हुए थे। कानपुर पुलिस की ओर से जांच के लिए बुलाए जाने के सवाल पर अभिनेता ने कहा कि उन्होंने नोटिस का जवाब अधिवक्ताओं के माध्यम से भिजवा दिया है।
हालांकि अगर जांच में सहयोग के लिए उन्हें आना पड़ा तो वह जरूर आएंगे। साथ ही कहा कि वह हमेशा से जरूरतमंदों और परेशान लोगाें के साथ खड़े हैं। वह खुद मामले की जांच चाहते हैं। क्योंकि ऐसा होने से हकीकत सामने आएगी। ठगे गए लोगों को उनका हक मिलना चाहिए।
वहीं, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि एसआईटी को अभिनेता के खिलाफ कई सबूत मिले हैं। उनके खिलाफ ट्रांजेक्शन की डिटेल मिली है। एसआईटी के सवालों के जवाब देने के लिए शहर आना होगा।
यह था मामला
कमिश्नरी पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र में हुई 42.29 लाख रुपये की ठगी के मामले में दिल्ली के मालवीयनगर निवासी रविंद्रनाथ सोनी को गिरफ्तार किया था। जांच में ठगी के तार दुबई, मलयेशिया, शारजाह, ओमान, जापान, फ्रांस समेत अन्य देशों से जुड़ गए। कोतवाली पुलिस के पास ईमेल और व्हाट्सएप नंबरों से 250 से अधिक शिकायतें आईं। पुलिस की पड़ताल में अभिनेता सोनू सूद और रेसलर खली का नाम भी सामने आया। एसआईटी का गठन हुआ जो मामले की जांच कर रही है। अब तक 14 एफआईआर हो चुकी है।
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प्रमोटर के भाई ने दी तहरीर, जांच शुरू
ब्लू चिप कंपनी के प्रमोटर शाश्वत सिंह के भाई ने बुधवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर रविंद्रनाथ सोनी के खिलाफ तहरीर दी। शाश्वत की ओर से दी गई इस तहरीर में उन्होंने लाखों रुपये की धाेखाधड़ी का आरोप लगाया है। हालांकि एसआईटी अधिकारियों ने ठगी के पूरे मामले में शाश्वत की भूमिका को संदिग्ध माना है। ऐसे में अधिकारियों ने उन्हें सामने आकर कुछ सवालों के जवाब देने के लिए कहा है। उनकी एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।