खरीदार अपनी पत्नी से बच्चे को खरीदने की राय लेने घर चला गया। तभी कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इससे मौके पर पहुंचे मेडिकल कालेज चौकी प्रभारी बृजेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गए और अरविंद व उसकी पत्नी से पूछताछ की। अरविंद ने बताया कि वह बेहद गरीब है। पत्नी और पेट में पल रहे बच्चे को बचाने के लिए उसने अपने बेटे को बेंचने का फैसला लिया था। इसके बाद चौकी प्रभारी ने गंभीर हालत में सुखदेवी को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। चौकी प्रभारी ने सुखदेवी के इलाज में खर्च होने वाले पैसों की जिम्मेदारी ली।