रास्ते में ही थम गईं सांसें
परिजन उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने सैफई आयुर्विज्ञान विवि रेफर कर दिया। सैफई ले जाते समय रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। उनका शव घर पर रातभर रखा रहा, जबकि बेटे का शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा। शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद बेटे का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
भाई बोला- मां का लाड़ला था शिवम
पिता, बहन शगुन, भाई शुभम और भाभी समेत परिवार के हर सदस्य का रो-रोकर बुरा हाल था। सतीश श्रीवास्तव ने पत्नी वंदना की चिता को व बड़े भाई शुभम ने छोटे भाई शिवम की चिता को मुखाग्नि दी। शिवम तीन भाई बहन में शिवम सबसे छोटा था। भाई शुभम सबसे बड़ा, फिर बहन शगुन है। छोटा होने की वजह से वह मां का लाडला था। शुभम ने बताया कि मां शिवम के लिए घर में सबसे लड़ जाती थीं।