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चारपाई के पाए से मां को पीट-पीटकर मार डाला, सिर को बाल्टी से ढक कर हुआ फरार

Mon, 04 Dec 2017 10:37 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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बहन और भाई के बीच में खड़ा आरोपी शीलू - फोटो : अमर उजाला
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जिस मां ने नौ महीने उसको कोंख में पाला, अमृतरूपी दूध पिलाया, उसने कभी सपने में भी न सोंचा होगा कि बड़ा होकर वही बेटा उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। मामाला बांदा जिले का है।
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बात बस इतनी थी कि शराबी बेटे ने मां से खाना मांगा, खाना देने में थोड़ी देर हो जाने से आग-बबूला होकर वह अपनी जननी की ही जान का दुश्मन बन गया। चारपाई के पाए से उसने अपनी मां के सिर पर एक-एक करके कई वार किए।






 

नशे की हालत में काम से घर लौटा था

पुलिस, आरोपी की फाइल फोटो
डीएम कालोनी में स्थित अंजनी कुमार सिंह के मकान में गुड्डो (45) पत्नी रजोला कुशवाहा किराये पर रहती थी। साथ में उसके तीनों पुत्र भी रहते थे। पति पैतृक गांव महोबा जनपद के अकबई गांव में रहता है और सिलाई करता है। रविवार को शाम गुड्डो का 19 वर्षीय पुत्र शीलू उर्फ कुलदीप ने नशे की हालत में काम से घर लौटा। मां से खाना मांगा।


 

गुड्डो के सिर को लोहे की बाल्टी से ढक दिया

भाई और बहन के बीच खड़ा आरोपी

किसी काम में व्यस्त मां गुड्डो ने तवज्जो नहीं दी। इस पर शीलू आपा खो बैठा और हंगामा मचाते हुए पलंग तोड़ दी। मां गुड्डो ने उसे रोकना चाहा तभी शीलू ने चारपाई के पाए से गुड्डो के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। जमीन पर गिर पड़ी गुड्डो के सिर को लोहे की बाल्टी से ढक दिया। मां गुड्डो की मौत हो गई। दो अन्य पुत्र घटना के समय घर पर नहीं थे।


 

पुलिस ने शव कब्जे में लिया

डेमो पिक
पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने आकर शव कब्जे में लिया। घर के पास ही शीलू पुलिस के हाथ चढ़ गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मृतक की एक पुत्री गीता इचौली (हमीरपुर) गांव में रिश्तेदार के यहां रहकर पढ़ाई कर रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि मृतका घरों में कामकाज करती थी। हत्यारोपी शहर के एक होटल में नौकरी करता है। दो अन्य पुत्र भी मजदूरी करते हैं। 


 
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‘मां को मारने वाले से नहीं रहा हमारा रिश्ता’

डेमो पिक
‘मां को मारने वाला शीलू अब हमारा भाई नहीं है। आज के बाद हम सिर्फ दो भाई-बहन हैं।’ यह कहना था मां के हत्यारे शीलू के भाई-बहनों का। मृतका के पुत्र नारायण व गंभीर और पुत्री गीता ने कहा कि शीलू को छुड़ाने के लिए न पैरवी करेंगे और न ही उससे मिलने जेल जाएंगे। घटना के बाद यहां पहुंचे पिता रजोला ने भी यही कहा। 
 
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