कानपुर। महाराजपुर के लाहौरपुर में थार न दिलाने पर खिन्न 29 वर्षीय बेटे गोपाल ने मंगलवार शाम को डाई पी ली। परिजन ने किसी तरह से उसे उल्टी करवाकर उसकी जान बचा ली। रात को उसने दोबारा घर में विवाद किया। इसके बाद किसान पिता श्रीपाल (55) ने देर रात फंदा लगाकर जान दे दी। बुधवार सुबह उनका शव फंदे से लटकता देख परिवार में कोहराम मच गया। परिजन के मुताबिक वह जमीन जाने के बाद भी रकम न मिलने को लेकर पहले से ही अवसाद में थे। दूसरी तरफ बेटे की थार दिलाने की जिद ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया।
श्रीपाल के परिवार में पत्नी मिथलेश देवी और दो बेटे 32 वर्षीय रवि व गोपाल हैं। रवि ने पुलिस को बताया कि कुछ माह पहले पिता और चाचा संतोष ने 10 बिस्वा जमीन सात लाख रुपये में बेची थी। हालांकि, जमीन खरीदने वाले श्यामनगर के व्यक्ति ने जो चार चेक दिए उसमें से दो लाख का चेक छोड़कर बाकी सभी बाउंस हो गए थे। इसे लेकर पिता अवसाद में थे। आरोप है कि बीती 19 सितंबर को दोनों पक्ष थाने पहुंचे जहां विपक्षियों ने जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने का प्रयास किया था।
वहीं, महाराजपुर थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने बताया कि श्रीपाल का बेटा गोपाल जमीन बेचकर थार खरीदने की जिद कर रहा था। इसे लेकर घर में तनाव का माहौल था। मंगलवार शाम गोपाल ने डाई पी ली थी लेकिन वह बच गया। इसके फिर से विवाद हुआ। इसपर श्रीपाल की पत्नी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी थी। पुलिस गोपाल को थाने ले आई थी। बाद में उसे मां और भाई के सुपुर्द कर दिया गया था। बुधवार तड़के करीब चार बजे श्रीपाल ने घर में पंखे के कुंडे से रस्सी का फंदा बना कर जान दे दी। थाना प्रभारी के मुताबिक घरेलू विवाद के साथ ही जमीन को लेकर रुपयों का विवाद सामने आया है। फिलहाल कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।