कानपुर देहात। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन में सत्ताधारी दल का दबाव कई जगह पुलिस पर नजर आया। कई ब्लॉकों में पुलिस सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं की नारेबाजी व हंगामे की अनदेखी करती रही, जबकि सपा व अन्य दलों के लोगों को हुजूम को रोककर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सपाई चिल्ला चिल्ला कर पुलिस पर भेदभाव करने का आरोप लगाते रहे। कुछ ब्लॉकों में अंदर जाने से मना करने पर भाजपाइयों ने पुलिस को आंखें दिखाईं। संदलपुर में पुलिस नियमों पर अड़ी रही तो भाजपा के राज्यमंत्री व जिलाध्यक्ष अंदर नहीं जा सके।
अकबरपुर ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी आशीष कुमार के समर्थन में पहुंचे कार्यकर्ताओं की भीड़ बैरीकेडिंग से अंदर जाने की कोशिश करने लगी। कई कार्यकर्ता बैरियर हटाकर गाड़ी लेकर ब्लॉक के गेट तक पहुंच गए। इस पर वहां मौजूद कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने रोकने की कोशिश की तो कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर धक्कामुक्की शुरू कर दी। पुलिस ने किसी तरह मामले को नियंत्रित किया।
हालांकि भाजपा विधायक प्रतिभा शुक्ला नियमों का पालन करते हुए नामांकन केंद्र से दूर बैठी रहीं। उनके साथ पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी मौजूद रहे। राजपुर ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी महेश चंद्र कटियार भारी हुजूम लेकर नामांकन कराने पहुंचे। नियमों को तोड़ने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सरवनखेड़ा में प्रत्याशी माया त्रिवेदी के साथ किदवई नगर विधायक महेश त्रिवेदी, भाजपा नेता सतीश शुक्ला, धर्मपाल भदौरिया व उनके पति उमेश त्रिवेदी भी अंदर पहुंच गए। जबकि प्रत्याशी के साथ दो प्रस्ताव ही जाने की अनुमति थी।
इसके बाद भी पुलिस ने इसकी अनदेखी की। सपा प्रत्याशी उर्वशी सिंह को नियमों के अनुसार ही जाने दिया गया। कई ब्लॉकों में पुलिस ने भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं किया। संदलपुर में तो राज्यमंत्री व भाजपा जिलाध्यक्ष को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे भाजपाइयों में नाराजगी दिखी।
सरवनखेड़ा में दो गुटों में बटी नजर आई भाजपा
सरवनखेड़ा। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सरवनखेड़ा में भाजपा ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की तो कार्यकर्ता दो गुटों में बटे नजर आए। गुजराई निवासी उमेश त्रिवेदी की पत्नी माया त्रिवेदी व नहोली के अतुल चंदेल की पत्नी उर्वशी भाजपा से टिकट मांग रही थीं। पार्टी यहां एक प्रत्याशी का चयन नहीं कर सकी। इससे दोनों ने नामांकन करा दिया।
माया त्रिवेदी के पक्ष में उनके देवर विधायक महेश त्रिवेदी, भोगनीपुर से विधान सभा चुनाव लड़ चुके धर्मपाल भदौरिया, अकबरपुर रनियां विधान सभा से प्रत्याशी रहे सतीश शुक्ला साथ रहे। जबकि उर्वशी सिंह के साथ भाजपा के गजनेर मंडल अध्यक्ष जय सिंह, पूर्व महामंत्री राजेश सिंह चौहान, अरविंद सिंह, मुनीश बाजपेई, लालजी पांडेय समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। क्षेत्र के भाजपा के कद्दावर नेता ब्लॉक से दूरी बनाए रहे। इसको लेकर खूब चर्चा होती रही। (संवाद)
निर्दलीय प्रत्याशी ने बिगाड़े भाजपा के समीकरण
राजपुर। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता महेश चंद्र कटियार व राकेश बाबू कटियार पार्टी से टिकट मांग रहे थे। पार्टी ने महेश चंद्र कटियार पर भरोसा जताकर ब्लॉक प्रमुख का प्रत्याशी घोषित कर दिया। ऐसे में राकेश बाबू कटियार ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया है।
पार्टी के कई बड़े नेता राकेश को चुनाव न लड़ने के लिए मनाते रहे। गुरुवार को राकेश ने नामांकन दाखिल कर दिया तो भाजपा प्रत्याशी के समीकरण बिगड़ने की चर्चा होने लगी। चर्चा है कि राकेश को बड़ी संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने समर्थन दिया है। (संवाद)