कानपुर। कचहरी में शुक्रवार को बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित होली मिलन समारोह में हुए रंगारंग कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया में गरमाहट है। लोग पोस्ट कर तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। कोई इसे न्याय के मंदिर में गंदा नाच बता रहा है तो उसके जवाब में महिलाओं के नृत्य की एक विशेष कला बताकर सोच बदलने की नसीहत दी जा रही है। महिला अधिवक्ताओं ने भी इसे शर्मसार करने वाली घटना बताया है।
रंगारंग कार्यक्रम के दौरान विदेशी महिलाओं की ओर से पेश किए गए डांस पर सोशल मीडिया पर छिड़े वार में किसी ने पोस्ट किया कि न्याय का मंदिर कही जाने वाली कचहरी में ऐसा नाच..., वहीं किसी ने लिखा कि वकालत के पेशे में गलत लोग शामिल होंगे तो इस पेशे का हाल यह तो होना था। युवतियांं पेट पालने की मजबूरी में नाच रही हैं लेकिन शिक्षित और न्याय के स्तंंभ अधिवक्ता के सामने क्या मजबूरी है। वहीं बार एसोसिएशन के कार्यक्रम के समर्थन में अधिवक्ताओं ने इसे संस्था का सम्मान धूमिल करने की कोशिश बताया। पोस्ट के जवाब में लिखा गया कि कार्यक्रम में कहीं किसी महिला से कोई बदसलूकी या बदतमीजी नहीं हुई। कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। यह एक विशेष प्रकार का नृत्य है। उत्सव की खुशी और संस्था की गरिमा के बीच संतुलन बना रहे। यही कोशिश होती है।
किसी ने पोस्ट किया कि युवतियां अपनी मर्जी से नाच रहीं थीं कोई दबाव नहीं था। कपड़े अपनी मर्जी से पहने थे। यह नृत्य उनकी रोजी-रोटी का जरिया है। नाच-गाने में कुछ गलत नहीं था लेकिन जगह गलत थी जिस जगह पर हुआ वहां नहीं होना चाहिए था। कचहरी न्याय का मंदिर है। मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन होता है जिससे मन को शांति मिलती है। हालांकि बॉलीवुड की नजर से देखो तो कुछ गलत नहीं है। बड़े लोगों की पार्टियों में यह आम बात है।
टिप्पणी करने वालों पर रिपोर्ट के लिए दी गई तहरीर
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ठाकुर आर्यन चंदेल नामक यूजर आईडी से बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं के खिलाफ अपमानजनक व अमर्यादित टिप्पणी की गई। इन टिप्पणियों को संस्था की छवि धूमिल करने का प्रयास बताते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिवक्ता एकजुट हो गए हैं। बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित संयुक्त मंत्री अभय त्रिपाठी, ऋषभ अवस्थी समेत कई अधिवक्ताओं ने सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए गोविंद नगर डीसीपी कार्यालय में अर्जी दी। पनकी गंगागंज निवासी अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह चौहान ने आधा दर्जन अधिवक्ताओं के साथ पहुंचकर पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
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त्योहार पर राजनीति विरोधियों की साजिश
होली के परिप्रेक्ष्य में आयोजन हुआ था। इसमें कई विधाएं शामिल थीं। राधाकृष्ण की झांकी भी थी। अन्नू अवस्थी का हास्य भी था लेकिन इन सबको नजरंदाज करके युवतियों के नाच पर ही फोकस किया जा रहा है। एक हजार से ज्यादा अधिवक्ता मंच के सामने खड़ा था लेकिन कोई अनुशासनहीनता नहीं हुई। हर साल कार्यक्रम होता है जो टिप्पणियां कर रहे हैं वह न तो अधिवक्ता हैं और न ही कार्यक्रम का हिस्सा थे। कुछ विरोधी जो चुनाव नहीं जीत पाए त्योहार पर राजनीति करके छवि धूमिल करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। - बिनय कुमार मिश्रा, महामंत्री-बार एसोसिएशन