दहशतगर्द से मिलीभगत की हुई पुष्टि
विवेचना में सामने आया था कि दोनों पुलिसकर्मी विकास दुबे के करीबी थे। दोनों वारदात की साजिश में शामिल थे। वारदात के समय वहां से भाग निकले थे। विभागीय जांच में भी सामने आया कि दोनों ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया। अपराधी का साथ दिया। इसके साक्ष्य वह गवाह दोनों सामने थे। इसी आधार पर उनको दोषी बनाया गया।
दोनों पुलिसकर्मी केस के आरोपी हैं। वर्तमान में जेल में बंद हैं। विभागीय जांच में वह दोषी पाए गए थे। उसी आधार पर दंडात्मक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनको बर्खास्त कर दिया गया है।- प्रशांत कुमार, आईजी रेंज कानपुर