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कानपुर: AI-ML तकनीक से स्मार्ट सिटी प्लानिंग, एलईडी बताएगी…आगे वाले चौराहे पर लगा है जाम, ये होंगे फायदे

Fri, 28 Mar 2025 01:31 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पब्लिक यूटिलिटी सिस्टम, स्मार्ट सिटी प्लानिंग, शहरी नियोजन के लिए केडीए और पीएसआईटी के बीच गुरुवार को अनुबंध हुआ है।
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केडीए ने पीएसआईटी के साथ किया अनुबंध - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग से शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रमुख चौराहों पर एलईडी लगाई जाएंगी। ऐसी तकनीक विकसित की जाएगी जिससे यह पता चल सकेगा कि किस चौराहे पर जाम है। मसलन मोतीझील चौराहे पर जाम लगा होगा तो बेनाझाबर चौराहे पर लगी एलईडी में यह सूचना आ जाएगी। इसके अलावा सोसाइटी डेवलप करने में मशीन लर्निंग की मदद ली जाएगी। इससे नियत साइज के प्लॉट काटे जा सकेंगे।

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पब्लिक यूटिलिटी सिस्टम, स्मार्ट सिटी प्लानिंग, शहरी नियोजन के लिए केडीए और प्राणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पीएसआईटी) के बीच गुरुवार को अनुबंध हुआ है। पीएसआईटी तकनीक विकसित करेगा। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल ने कहा कि एआई व एमएल जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर शहर के बुनियादी ढांचे, नागरिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना हमारा लक्ष्य है। इस साझेदारी से शहरी विकास तेज गति से आगे बढ़ेगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

छात्रों व शोधकर्ताओं को अवसर प्रदान करेगा एमओयू
पीएसआईटी के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि इस साझेदारी से शहरी नियोजन, यातायात प्रबंधन व नागरिक सेवाओं को डिजिटल रूप से उन्नत करेंगे। पीएसआईटी के चेयरमैन प्राणवीर सिंह ने कहा कि यह अनुबंध न केवल कानपुर के स्मार्ट सिटी मिशन को बल देगा, बल्कि छात्रों व शोधकर्ताओं को नवीनतम तकनीकों पर काम करने और व्यावहारिक समाधान विकसित करने के भी अवसर प्रदान करेगा। पीएसआईटी के वाइस प्रेसीडेंट अभिजीत सिंह, केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय, निदेशक, स्टार्टअप एंड इन्क्यूबेशन, प्रो. रघुराज सिंह सूर्यवंशी, पीएसआईटी के जनरल मैनेजर (प्रशासनिक) पंकज श्रीवास्तव व अन्य भी मौजूद रहे।
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ये होंगे फायदे
यातायात नियंत्रण, सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता, आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। सेंसर आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉनीटरिंग व डाटा एनालिटिक्स के जरिये भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लग जाएगा। इससे शहर की आधारभूत संरचना को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा।
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