2004 में बनाया गया था आरओबी
बता दें कि इस आरओबी का निर्माण 2004 में हुआ था। इससे रोजना 50 से 60 हजार000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। इसमें इटावा, दिल्ली, महोबा, झांसी, बांदा, लखनऊ, प्रयागराज आदि रूट से वाहन आते हैं। आरओबी टूटने के बाद 100 मीटर का डायवर्जन दिया गया है।