लखनऊ में जांच के बाद बच्चे को एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया। पिछले साल मई में एम्स में हुई जांच में बच्चे को हंटर सिंड्रोम नामक बीमारी से ग्रसित बताया गया था। एम्स से इलाज का एक एस्टीमेट भी बनाया गया है। इसमें एक साल के इलाज का खर्च 1,92,77,648 रुपये बताया था। इसमें एक इंजेक्शन की कीमत 168540.30 रुपये बताई गई थी।
पैसे के अभाव मेें परिजन विदेशी दवा से इलाज नहीं करा पा रहे हैं। सवा साल से बच्चे का सामान्य इलाज ही चल रहा है। जगत सिंह ने बताया कि बच्चे के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये मिले थे। इसके अलावा इलाज में पांच बीघा खेती और एक ट्रैक्टर बिक चुका है। जगत ने बताया कि बच्चे के सिर की हड्डी बढ़ने लगती है।
इसके अलावा हाथ पैर व शरीर की अन्य हड्डियां भी अकड़ जाती हैं। दवा लेने पर राहत मिल जाती है, दवा बंद होते ही फिर दिक्कत बढ़ जाती है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा कि इस बीमारी की मुझे जानकारी नहीं है। हां बच्चे के बारे में सुना जरूर है। मेडिकल कॉलेज या एम्स में ही बीमारी और इलाज की जानकारी मिल सकती है।