कोल्हापुर की जन समस्याओं को सुलझाने में 6 स्टार्टअप मदद करेंगे। इन स्टार्टअप को इस कार्य के लिए कोल्हापुर इंक्यूबेशन सेंटर और आईआईटी का स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर वित्तीय व तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इन स्टार्टअप का चयन एक प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया। इस प्रतियोगिता में 600 से अधिक स्टार्टअप ने हिस्सा लिया था।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री सतेज पाटिल के निर्देशन में आईआईटी और कोल्हापुर इंक्यूबेशन सेंटर, डीवाई पाटिल एजुकेशन ग्रुप के बीच एमओयू हुआ। आईआईटी ने 15 से 31 जनवरी के बीच विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन मांगे, जिसमें 600 से अधिक स्टार्टअप ने अपना सुझाव दिया।
जिसमें 133 आवेदन का चयन हुआ। अंतिम मूल्यांकन के बाद बुधवार को छह स्टार्टअप का चयन किया गया है। जो जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, वायु गुणवता प्रबंधन, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, ई-शासन, कृषि, परिवहन की समस्याओं को दूर करेगा। इस मौके पर प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय, डॉ. कादंबरी बलकवडे, विधायक ऋतुराज पाटिल आदि रहे।
इन स्टार्टअप का हुआ चयन
अंकित पटेल, कानपुर - कोल्हापुर में झील के कायाकल्प के लिए अभिनव फ्लोटेशन उत्पादों का उपयोग करना है। मॉड्यूलर फ्लोटेशन उत्पाद और उनके समाधान विकसित किए हैं।
रोहन सालवी, पुणे - रिवर बिन की मदद से झीलों, नदियों और बड़े जल निकायों को साफ किया जाएगा।
तेजस्विनी माली, पुणे - स्पर्श-रहित, निर्जल और गंध रहित इनडोर और आउटडोर यूरिनेटर का विकास किया है।
रौनक सुतारिया, मुंबई - कम लागत में सेंसर आधारित एटमॉस एयर क्वालिटी डिवाइस और एक स्ट्रीमिंग डेटा एनालिटिक्स डैशबोर्ड बनाया है। इससे वायु गुणवता का आंकलन किया जाएगा।
समुदययोग वेस्ट चक्र, चेन्नई - अपशिष्ट को बाहर निकालने के लिए उन्नत तकनीक विकसित की है।
सुमित पोवार, कोल्हापुर - इको-ग्रीन इंडिया ने एक उपकरण विकसित किया है जो एक पुराने वाहन को BS-VI मानदंडों के करीब ला सकता है।