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कानपुर में नहीं थम रहा डेंगू से मौतों का सिलसिला, मरने वालों में डेढ़ साल का मासूम नौ साल की बच्ची

Mon, 11 Nov 2019 10:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेंगू से अस्पताल फुल - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में पारा लगातार कम होने के बाद भी डेंगू से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। डेढ़ साल के मासूम समेत छह और मरीजों की मौत हो गई। कई गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। अब तक 71 मरीजों की डेंगू से मौत हो चुकी है। वहीं सोमवार को भी हैलट, उर्सला सहित अन्य अस्पतालों की ओपीडी में डेंगू जैसे लक्षणों वाले कई मरीज पहुंचे।
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सरकारी और निजी अस्पतालों में सैकड़ों मरीज डेंगू का इलाज करा रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के डर से डॉक्टर मरीजों की बीएचटी (भर्ती फाइल) में स्पष्ट रूप से डेंगू लिखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। बिल्हौर के ग्राम अरौल वरैयनपुरवा निवासी अंकित द्विवेदी (25) की डेंगू से मौत हो गई। पिता किशन लाल व अन्य परिजनों ने बताया कि प्राइवेट नौकरी करने वाला अंकित करीब पांच दिन से बुखार से पीड़ित था।

 

सीएचसी, पीएचसी का कोई डॉक्टर जांच के लिए नहीं पहुंचा। हालत बिगड़ने पर उसे चांदनी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। सोमवार को उसकी मौत हो गई। अंकित की शादी एक साल पहले ही हुई थी। इसी तरह धोबिन पुलिया, नौबस्ता निवासी सृष्टि मिश्रा (9) की रीजेंसी, गोविंद नगर में मौत हो गई। नाना रामगोपाल ने बताया कि सृष्टि को कई दिन से बुखार था।

जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर उसे रीजेंसी में भर्ती कराया गया। आठ यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाई गईं, फिर भी उसे बचाया नहीं जा सका। हालांकि अस्पताल प्रभारी डॉ. विकास भार्गव ने जानकारी से इनकार किया। दर्शनपुरवा निवासी राजेश सविता के डेढ़ वर्षीय बेटे अनिरुद्ध की गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल, लाजपत नगर में मौत हो गई। अनिरुद्ध को 10 दिन से बुखार था। मोहल्ले के डॉक्टर को दिखाया।

 
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उन्होंने जांच कराकर डेंगू होने की बात कही। मां पूजा ने बताया कि नौ नवंबर को उसे भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि उनके अस्पताल में जब मरीज आया, तब उसे खूनी उल्टियां हो रही थीं। सेप्सिस, मल्टी आर्गन फेल्योर हुआ था। शरीर में संक्रमण था। डेंगू जैसे लक्षण तो थे पर जांच नहीं हो पाई थी। इसी तरह महेश्वरी मोहाल निवासी नारायण शुक्ला (65) को बुखार के बाद निजी पैथालॉजी की जांच में डेंगू का पता चला।

सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजनों ने हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। कांशीराम कालोनी (उन्नाव) निवासी वसीर के बेटे मुशीर (30) की भी इसी अस्पताल में मौत हो गई। रसूलाबाद (कानपुर देहात) निवासी अरविंद की पत्नी कमला देवी ने भी हैलट इमरजेंसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि कमला को बुखार आ रहा था। निजी पैथालॉजी की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। हैलट के डॉक्टरों ने बताया कि यहां डेंगू की जांच नहीं हो पाई थी, पर ऐसे लक्षणों के साथ ही कार्डियो वैस्कुलर अटैक से मौत हुई। 
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