डॉक्टर ने पचास शैय्या युक्त जिला अस्पताल के एक सर्जन को बुलाकर दिखाया। सर्जन ने भी जल्द आपरेशन कराने की सलाह दी। इस पर उनके पुत्र को बेहोशी का इंजेक्शन देने के लिए अस्पताल के ही एक डॉक्टर को बुलाया गया। उक्त डॉक्टरों ने रविवार की शाम प्राइवेट अस्पताल में उनके पुत्र के पेट की पित्त की थैली से पथरी निकालने का आपरेशन किया। दूसरे दिन सुबह से ही उनके पुत्र का पेट फूलना शुरू हो गया।
डॉक्टरों ने इस मामूली बात बताकर ध्यान नहीं दिया। शाम लगभग चार बजे अचानक से हालत ज्यादा बिगड़ गई। जब उन्होंने प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर को बताया तो उसने सर्जन को बुलाया। लेकिन तब तक सोमपाल ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर उनके पुत्र को ठीक होने का दिलासा देते हुए रेफर करने लगे। लेकिन जब विश्वास हो गया कि सोमपाल की मौत हो चुकी है तो वह उनके पुत्र का शव स्ट्रेचर पर अस्पताल के बाहर छोड़कर भाग गए।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने पहुंचकर हंगामा काटा। सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ व कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक कुमार दुबे पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौजूद लोगों ने बताया कि मृतक युवक के एक पुत्र व एक पुत्री है। वह कपड़ों में प्रेस करके परिवार का भरण पोषण करता था। एडीएम रेखा एस चौहान ने सीएमओ डॉ.एके राय को अस्पताल सीज करने के आदेश दिए।
आदेश मिलने पर सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से सीज कराने की कार्रवाई की। उधर मौके पर मौजूद सदर विधायक रमेश दिवाकर ने अनुमति न होने पर भी उक्त अस्पताल में पचास शैय्या युक्त जिला अस्पताल के एक सर्जन चिकित्सक द्वारा सर्जरी किए जाने के मामले की जांच कराए जाने के लिए सीमएओ को निर्देश दिए हैं। सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने कहा कि उनके यहां अक्तूबर माह में सर्जन ने ज्वाइन किया है।
यह प्रकरण अस्पताल के बाहर का है, चूंकि संविदा कर्मी आठ घंटे ड्यूटी करने के बाद फिर क्या करता है कहां करता है इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए वह इस संबंध में कुछ भी नहीं कह सकते। अस्पताल संचालक डॉ.अर्जित त्रिपाठी ने बताया कि मरीज का रविवार को आपरेशन किया गया था। सोमवार को मरीज ने बिस्कुट व चाय भी खाई थी। सोमवार को अचानक बात करते-करते उसको हार्टअटैक पड़ गया। जब तक उसको समझ पाते और कुछ कर पाते तब तक मौत हो गई। बताया कि सोमपाल का जिला अस्पताल के संविदा सर्जन द्वारा आपरेशन किया गया था।
प्राइवेट अस्पताल केवल ओपीडी के लिए ही रजिस्टर्ड था। फिर भी अस्पताल में बिना अनुमति के सर्जरी किया जाना पाया गया है। तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सीज करा दिया गया है। वहीं पचास शैय्या अस्पताल के एक संविदा सर्जन डॉक्टर द्वारा आपरेशन किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। उसकी भी जांच करने के आदेश दे दिए हैं। जांच में मामला सही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
रेखा एस चौहान, एडीएम