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MLA Abbas Nikhat Case: जेल अधीक्षक व जेलर के आवास से मिले लगभग छह लाख, कार व दो मोबाइल बरामद

Tue, 07 Mar 2023 10:47 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बताया कि जिला जेल में लगभग दो माह से चल रहे गैरकानूनी कार्य के पीछे निलंबित बुलंदशहर के मानपुर खानपुर निवासी जेल अधीक्षक अशोक सागर, निलंबित जौनपुर के चंदवक बिहरदर निवासी जेलर संतोष कुमार व निलंबित चर्चित वार्डर मथुरा के नगलादेह मॉट निवासी जगमोहन सिंह की ही मुख्य भूमिका रही है।
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जेल प्रकरण की जानकारी देतीं एसपी वृंदा शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चित्रकूट जेल में बंद डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे विधायक अब्बास अंसारी व बहू निखत बानो की गैरकानूनी जेल में मुलाकात के पीछे मोटी रकम व मंहगे गिफ्ट की लालच ही सबसे बड़ा कारण रहा। जेल में रहने के दौरान अब्बास को जेल अधीक्षक, जेलर , डिप्टी जेलर व वार्डर का पूरा सहयोग मिलता रहा।

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सोमवार को जेल अधीक्षक, जेलर व चचत वार्डर का मेडीकल परीक्षण कराकर पुलिस ने लखनऊ रवाना किया। लखनऊ में भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में तीनों को पेश किया गया। इनके कब्जे से पुलिस ने लगभग छह लाख की नगदी, कार, दो मोबाइल बरामद किए हैं। सोमवार को एसपी कार्यालय में पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बताया कि जिला जेल में लगभग दो माह से चल रहे गैरकानूनी कार्य के पीछे निलंबित बुलंदशहर के मानपुर खानपुर निवासी जेल अधीक्षक अशोक सागर, निलंबित जौनपुर के चंदवक बिहरदर निवासी जेलर संतोष कुमार व निलंबित चर्चित वार्डर मथुरा के नगलादेह मॉट निवासी जगमोहन सिंह की ही मुख्य भूमिका रही है।

रुपयों के प्रलोभन में विधायक अब्बास अंसारी के प्रभाव में आकर इन्होंने उसे जेल में पूरी छूट दी थी। बिना पर्ची उसकी पत्नी निखत और वाहन चालक नियाज डिप्टी जेलर चंद्रकला के कमरे में मिलते थे। इसके लिए वार्डर जगमोहन सिंह जेल के अंदर व बाहर की व्यवस्था बनाने का काम करता था। छह लाख रुपये यही वार्डर कैंटीन सप्लायर नवनीत सचान के घर से लेकर आया और इन अधिकारियों को बांटा था। प्रकरण की जांच टीम ने जेल अधीक्षक के आवास से चार लाख व जेलर के आवास से एक लाख 80 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं।

दो मोबाइल व एक कार भी बरामद हुई है। इन तीनों को शहर के शंकर बाजा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार जेलर संतोष को गिफ्ट में दी गई थी। इसकी एक किश्त का नगद भुगतान हुआ है ऐसे में आशंका है कि जो इन्हें नगदी मिली है उसी से इसका भुगतान हुआ है। शेष जांच जारी है। नगदी व गिफ्ट देने का सिलसिला कई बार चला होगा इसकी जानकारी की जा रही है। अभी तक यह पता चला कि अंतिम बार सात फरवरी को यह छह लाख रुपये दिए गए थे।
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आगे की जांच अभी जांच जारी है। कई और नाम सामने आ सकते हैं। इसमें जेल से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी भी होंगे। अबतक इस प्रकरण में अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो, वाहन चालक नियाज, सपा नेता फराज खान, कैंटीन सप्लायर नवनीत सचान, डिप्टी जेलर चंद्रकला को पहले जेल भेजा जा चुका है। कुल आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। गौरतलब है कि दस फरवरी को डीएम एसपी ने जेल में छापा डालकर इस गैरकानूनी रूप  से होने वाले कार्य का भंडाफोड किया था।
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