एसआईटी ने रविवार सुबह आठ बजे से ही जेल परिसर में डिप्टी जेलर पीयूष पांडेय और वार्डर से पूछताछ शुरू कर दी। करीब 10 बजे सबसे चर्चित वार्डर जगमोहन को बुलाकर इनका सामना कराया गया। सूत्रों के अनुसार जब तीनों आमने-सामने बैठे तो कई राज उजागर हो गए। इसी आधार पर जांच टीम ने जेल अधीक्षक व जेलर को बुलाकर रविवार की शाम गिरफ्तार कर लिया।
चित्रकूट जिला जेल प्रकरण को लेकर चल रही एसआईटी की जांच की जद में आए जेल के 10 अन्य अधिकारियों और बंदीरक्षकों से अलग-अलग पूछताछ की गई। नामजद डिप्टी जेलर पीयूष पांडेय और एक वार्डर से रविवार को मिले सुरागों से अहम जानकारी जुटाई गई है।
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बताया गया कि इन दोनों ने खुद को बचाने का प्रयास किया और अन्य अधिकारियों पर कई आरोप लगाए। वार्डर जगमोहन से सामना कराया तो कई राज खुले। यह भी दावा है मिलाई के एवज में दिए गए गिफ्ट और नकदी भी बरामद हो गई है।
रविवार को एसआईटी ने सुबह आठ बजे से ही जेल परिसर में डिप्टी जेलर पीयूष पांडेय और वार्डर से पूछताछ शुरू कर दी। करीब 10 बजे सबसे चर्चित वार्डर जगमोहन को बुलाकर इनका सामना कराया गया। सूत्रों के अनुसार जब तीनों आमने-सामने बैठे तो कई राज उजागर हो गए। इसी आधार पर जांच टीम ने जेल अधीक्षक व जेलर को बुलाकर रविवार की शाम गिरफ्तार कर लिया।
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सूत्रों के अनुसार दोनों ने बताया कि विधायक अब्बास और उसकी पत्नी निखत को मिलाने से लेकर अन्य सुविधाएं लेने के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाते थे। बिजली जाने की बात कहकर मेन गेट के कैमरे बंद कर दिए जाते थे। जनरेटर चालू कराने के लिए आने वाले से कैमरों के संचालन वाली बटनें बंद कराई जाती थी। इन दोनों की यहीं डयूटी लगा दी जाती थी।
इसके अलावा जेल प्रकरण में नामजदों के अलावा डिप्टी जेलर चंद्रकला का नाम सामने आने और कई सबूत मिलने पर जेल जाने के बाद जांच टीम ने जेल के दस अन्य लोगों की सूची में चार से रविवार को पूछताछ की। इनसे भी जांच टीम को कई जानकारी मिली है।
शुक्रवार से लेकर रविवार की तक की पूछताछ व खोजबीन के बाद जांच टीम को काफी सफलता मिल गई है। सूत्रों का दावा है कि कई महंगे गिफ्ट व नकदी के अलावा कुछ और उपहार की सामग्री, मोबाइल, बैंक पास बुक, कार के कागजात आदि की बरामदगी भी हो गई है।
जरूरत के हिसाब से लगाई जाती थी ड्यूटी
डिप्टी जेलर पीयूष पांडेय और वार्डर की डयूटी पूरे परिसर में जरूरत के हिसाब से लगाई जाती थी। सूत्रों के अनुसार विधायक अब्बास व निखत की मिलाई के दौरान बाहरी पूरी व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी इन्हीं पर होती थी। कैंटीन से लेकर जेल के मुख्य गेट तक आने जाने वालों पर नजर रखते थे कि कोई भी जेल अधिकारी के कक्ष की ओर न जा सके। दोनों से महंगे गिफ्ट और नकदी कौन लाकर देता था... इन सवालों का सही जवाब नहीं दिया । इन्होंने माना कि यह सब हुआ है। इसमें उनका भी हिस्सा रहता था।
पकड़े गए दो और लोगों से पूछताछ
माफिया मुख्तार अंसारी व विधायक अब्बास अंसारी की जेल में मदद करने के आरोप में बांदा में पकड़े गए कुछ लोगों के रिश्तेदारों को जांच टीम ने तरौंहा में जाकर पूछताछ की है। इसी मामले में जावेद को भी पकड़ा गया है। शंकर बाजार निवासी अभिलाष से भी लगातार दूसरे दिन पुलिस पूछताछ करती रही। परिजनों ने दावा किया कि इस प्रकरण में उनका कोई लेना देना नहीं है। इसकी जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। उधर, बताया गया है कि इन दोनों ने पूछताछ में बताया कि वह विधायक अब्बास व उसकी पत्नी निखत से कभी नहीं मिले। सपा नेता फराज व कैंटीन सप्लायर नवनीत के संपर्क के सवाल पर कहा कि वह इन्हें जानते हैं।