मूसलाधार बारिश आफत बनकर आई है। तेज बरसात के कारण सेंट्रल यूपी के जिलों में 8 लोग ‘काल के गाल’ में समा गए। हमीरपुर में एक डॉक्टर और एमआर नाले में बह गए तो कानपुर में 4 लोग पेड़ों के नीचे दबकर मारे गए। फतेहपुर में दीवार ढहने से दो मौतों की खबर सामने आ रही है।
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मौके पर पहुंची पुलिस
बुंदेलखंड और सेंट्रल यूपी के कई जिलों में पिछले चौबीस घंटे से हो रही बारिश ने तबाही मचा रखी है। नदी, नाले और तालाब उफना गए हैं। इनसे हादसे भी हो रहे हैं। कई जिलों के कच्चे मकान ढह गए। निचले इलाकों के मकानों में पानी घुस गया। इससे लोग घंटों घरों में कैद रहे। जगह-जगह विद्युत पोल गिरने से बिजली व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई।
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जलभराव
फतेहपुर में मलवां थानाक्षेत्र के तारापुर असवार गांव में घर की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। शहर में दो और औंग में दो जगह घर गिरने से काफी नुकसान हुआ। उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर कई जगह बिजली के तार और पेड़ टूटकर गिरे। इससे मंगलवार रात 11 बजे से बुधवार सुबह 4 बजे तक जाम लगा रहा। सुबह पुलिस ने रास्तों से पेड़ और तार हटवाकर जाम खुलवाया। उधर सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के भादर गांव में मंगलवार रात झोपड़ी ढह गई। मलबे में दब कर किसान (50) की मौत हो गई।
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मृतक के परिजन
बांदा में केन नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा सब्जी की फसल डूब गई। चित्रकूट में बारिश के कारण बुधवार को पहाड़ी-राजापुर मार्ग पर आवागमन कई घंटे बाधित रहा। मंदिरों के मार्गों पर जलभराव से श्रद्धालुओं को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
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भारी बारिश के बाद ये रही हालत
मौदहा (हमीरपुर) बिवांर थाने के पारा गांव के पास मंगलवार रात रपटा पार करते समय कानपुर निवासी डॉक्टर और एमआर (दवा प्रतिनिधि) बारिश से उफनाए सुनहार नाले में बह गए। कानपुर से पहुंची बचाव टीम को बुधवार शाम डॉक्टर का शव मिल गया। एमआर की तलाश जारी है। मृतक डॉ. विनोद मिश्रा की तैनाती महोबा जिले के कबरई सीएचसी में थी और इसी जिले के ग्योड़ी पीएचसी का अतिरिक्त चार्ज था। ग्योड़ी पीएचसी से लौटते समय वह हादसे का शिकार हो गए।
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भीषण जलभराव
हमीरपुर बिवांर थाना क्षेत्र का पारा-लदार मार्ग, बिगहना मार्ग से ग्योड़ी तक जाता है। इस मार्ग पर पारा गांव के पास सुनहार नाले पर रपटा बना है। मंगलवार शाम झमाझम बारिश से नाला उफना गया। पानी, रपटे के ऊपर बहने लगा। रात करीब नौ बजे कानपुर के बसंत बिहार निवासी डॉ. विनोद मिश्रा (42) पुत्र राधेश्याम अपनी कार से कानपुर जा रहे थे। उनके साथ कानपुर के यशोदा नगर निवासी एमआर अरुण सेंगर (43) पुत्र गंगा सिंह भी थे। रपटा पार करते समय कार के अंदर पानी घुस गया। कार हिचकोलें लेने लगी तो डाक्टर बाहर निकले और पानी में बह गए।
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जलभराव
एमआर अरुण सेंगर मोबाइल से डॉ. विनोद मिश्रा के घर जानकारी दे रहे थे, तभी मोबाइल का संपर्क टूट गया और वह भी पानी में बह गए। अनहोनी की आशंका पर डॉ. विनोद मिश्रा के परिजनों ने हमीरपुर पुलिस को सूचना दी और घटनास्थल के लिए निकल पड़े। कुछ ही देर में मौके पर पहुंची खन्ना, मौदहा और बिवांर थानों की पुलिस ने डॉक्टर और एमआर की तलाश शुरू की। एनएच के अधिकारियों से संपर्क कर क्रेन मंगाई गई। नाले में फंसी कार को क्रेन से निकाला गया। कार का शीशा तोड़कर देखा गया, लेकिन कार में कोई नहीं मिला। पूरी रात दोनों की खोजबीन चलती रही लेकिन पता नहीं चला।
बुधवार सुबह एडीएम, एएसपी, एसडीएम आदि मौके पर पहुंचे और कानपुर से रेस्क्यू आपरेशन टीम बुलाई गई। कानपुर से पीएसी की छह सदस्यीय टीम भी पहुंच गई। बुधवार शाम रपटे से थोड़ी दूर झाड़ियों के पास डॉ. विनोद मिश्रा का शव मिला। एमआर की तलाश जारी है।